पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाकर दिया कम बीज
सदर विधायक ने पत्र में आरोप लगाया है कि नेशनल मिशन ऑन एडिबिल ऑयल के तहत 10 हजार क्विंटल मूंगफली बीज प्रति हेक्टेयर 01 क्विंटल के हिसाब से किसानों को मुफ्त बांटा जाना था। लेकिन कृषि विभाग के अधिकारियों ने बिना किसी पूर्व जानकारी के फर्जीवाड़ा करते हुए लगभग 05 हजार क्विंटल बीज का वितरण कागजों पर दिखा दिया।
किसानों से पॉस मशीन पर धोखे से 02 बार अंगूठे लगवाए गए और मूंगफली के बजाय महज 04 किलो उड़द या 02 किलो तिल की मिनीकिट थमा दी गई। इसके अलावा उड़द के नाम पर किसानों से 03 हजार रुपये और दवा के नाम पर 01 हजार रुपये प्रति क्विंटल वसूले गए, जिसकी कोई रसीद भी नहीं दी गई।
आवंटन पत्र जारी करने पर उठे गंभीर सवाल
विधायक ने कृषि विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मूंगफली की बुआई का सही समय 10 जून से 10 जुलाई के बीच होता है, तब आवंटन पत्र 30 जून को ही क्यों जारी किया गया। बीज अप्रैल महीने में ही जनपद में आ चुका था, तो समय रहते किसानों को इसका लाभ क्यों नहीं दिया गया।
सदर विधायक ने आशंका जताई है कि इस फर्जीवाड़े में कुछ वैल्यू चेन पार्टनर (BCP) भी शामिल हो सकते हैं। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की पैरवी की है।