महोबा के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के मामले में आरोपी निलंबित पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार की अग्रिम जमानत और बर्खास्त सिपाही अरुण कुमार यादव की जमानत अर्जी बुधवार को कोर्ट ने खारिज कर दी। हाईकोर्ट, इलाहाबाद के अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद आरोपी मणिलाल की मुश्किलें बढ़ना तय है।
अब पुलिस उनके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई को कोर्ट में अर्जी देगी, उनके पोस्टर भी सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा कराएगी। कबरई कस्बा निवासी क्रशर कारोबारी की मौत के मामले में निलंबित पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार, कबरई एसओ रहे देवेंद्र कुमार शुक्ला, सिपाही अरुण कुमार यादव और दो व्यापारियों ब्रह्मदत्त और सुरेश सोनी के खिलाफ भ्रष्टाचार, धमकी और आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने समेत कई धाराओं में कबरई थाने में रिपोर्ट दर्ज है।
पूर्व एसपी को छोड़कर पुलिस सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। आरोपी मणिलाल ने इंद्रकांत की मौत के मामले में अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट, इलाहाबाद में अर्जी दी थी। बुधवार को इस अर्जी पर कोर्ट ने सुनवाई की। आरोपी और पीड़ित पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनीं और अग्रिम जमानत अर्जी को कोर्ट ने खारिज कर दिया। इधर, बुधवार को ही लखनऊ की एंटी करप्शन कोर्ट में बर्खास्त सिपाही अरुण कुमार यादव की जमानत अर्जी पर भी सुनवाई हुई। कोर्ट ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनीं और जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
अपने ही अफसर को नहीं ढूंढ पा रही पुलिस
इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत को चार महीने से ज्यादा का वक्त गुजर चुका है। आरोपी पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार को महोबा और प्रयागराज पुलिस गिरफ्तार करना तो दूर उनका सुराग भी नहीं तलाश सकी है। पुलिस को नाकामयाबी को देखकर एडीजी प्रयागराज जोन प्रेम प्रकाश ने एसटीएफ की प्रयागराज यूनिट की टीम को भी भगोड़े आईपीएस मणिलाल पाटीदार को ढूंढने में लगाया। एसटीएफ को टॉस्क मिले चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन वह भी अभी तक फरार एसपी को नहीं ढूंढ सकी है।