महोबा जिला अस्पताल में तैनाती से लगातार गैर प्रैक्टिस भत्ता (एनपीए) लेकर प्राईवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर के खिलाफ डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कार्रवाई की है। प्राइवेट प्रैक्टिस के साथ मेडिकल स्टोर का संचालन करने पर डिप्टी सीएम ने वेतन वृद्धि पर रोक लगाते हुए दस साल की गई निजी प्रैक्टिस पर ब्याज समेत वसूली के निर्देश दिए हैं।
जिला अस्पताल में डॉ. केडी गुप्ता की तैनाती वर्ष 2011-12 से 2021-22 तक रही। इसके बाद उनका स्थानांतरण जनपद श्रावस्ती के लिए हो गया था। करीब दस साल तक जिला अस्पताल में तैनाती के दौरान वह एनपीए लेकर प्राइवेट प्रैक्टिस करते रहे। महोबा में स्थित अपने आवास में मेडिकल स्टोर के साथ नर्सिंग होम संचालित किए जाने की शिकायत शासन स्तर पर की गई थी। बताया जा रहा है कि डॉक्टर एनपीए लेकर लगातार प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहा था। इसके बाद डिप्टी सीएम ने सख्त कार्रवाई की है।
डिप्टी सीएम ने फेसबुक पर पोस्ट करते हुए लिखा कि जिला अस्पताल महोबा में तैनाती से लगातार एनपीए लेते हुए प्राइवेट प्रैक्टिस करने व मेडिकल स्टोर संचालकों से साठगांठ करने के मामले की जांच में आरोप सही पाए गए हैं। डॉक्टर की तीन वेतन वृद्धियां स्थाई रूप से रोकते हुए जिला अस्पताल में तैनाती के दौरान दस वर्षों से लिए गए निजी प्रैक्टिस-पे की वसूली ब्याज सहित करने के निर्देश दिए हैं। उधर, सीएमओ डॉ. आशाराम का कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से महोबा जिला अस्पताल में तैनात रहे एक डॉक्टर पर कार्रवाई की जानकारी हुई है। शासन स्तर से कोई पत्र नहीं आया है।