नौकरी दिलाने के नाम पर सिपाही के बेटे से 6.18 लाख की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपी ने रेलवे में नौकरी का फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमाया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की।
थाना कबरई में तैनात रहे हेड कांस्टेबल के बेटे से नौकरी दिलाने के नाम पर 6.18 लाख की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। रुपये लेने के बाद आरोपी ने रेलवे में नौकरी का फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा दिया। नौकरी ज्वाइन करने पहुंचने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ। पीड़ित ने थाने में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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जनपद फतेहपुर के थाना चांदपुर के अमौली गांव निवासी अंकित कुमार द्विवेदी ने थाने में तहरीर देकर बताया कि ग्रेजुएट होने के बाद वह सरकारी नौकरी के लिए प्रयास करता रहा। उसके पिता सत्येंद्र प्रसाद वर्ष 2020 से 2024 तक थाना कबरई में हेड कांस्टेबल के पद पर कार्यरत रहे। उनके साथ हेड कांस्टेबल रामराज सिंह भी तैनात थे। थाना परिसर में रामराज से मिलने विनय यादव निवासी नदेहरा जनपद हमीरपुर आता-जाता था। अंकित ने बताया कि थाने में उसकी मुलाकात विनय से हुई थी। उसने बताया था कि वह रेलवे विभाग में टीटी है जबकि उसके रिश्तेदार डीआरएम हैं। वह उसकी भी नौकरी लगवा देगा। झांसे में आकर अंकित ने 6.18 लाख की रकम ऑनलाइन व नकद धनराशि के रूप में दी। सात नवंबर 2023 को विनय ने उसे टीटी का नियुक्ति पत्र देकर कहा कि वह झांसी जाकर नौकरी ज्वाइन कर ले। जब अंकित झांसी कार्यालय पहुंचा तो नियुक्ति पत्र फर्जी होने की जानकारी हुई। रुपये वापस मांगने पर आरोपी टहलाने लगा। पीड़ित ने बताया कि आरोपी ने मौदहा के दो लोगों से भी नौकरी के नाम पर ठगी। थानाध्यक्ष सत्यवेंद्र सिंह का कहना है कि तहरीर के आधार पर आरोपी विनय यादव के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच कराई जा रही है।