इंद्रकांत त्रिपाठी (फाइल फोटो)
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क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के बाद तत्कालीन एसपी सहित अन्य आरोपियों के न्यायालय में उपस्थित न होने पर न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट संख्या 09 लखनऊ ने पूर्व निलंबित एसपी समेत तीनों अभियुक्तों के खिलाफ गैर जमानतीय वारंट जारी कर दिया है।
इंद्रकांत त्रिपाठी द्वारा तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार और तत्कालीन एसओ कबरई देवेंद्र शुक्ला के खिलाफ वीडियो वायरल कर छह लाख रुपये मांगे जाने का आरोप लगाया था। वायरल वीडियो में हत्या कराए जाने की भी बात कही थी।
आठ सितंबर को क्रशर कारोबारी को गोली लगने के बाद 13 सितंबर को उसकी मौत हो गई थी। शासन ने तत्कालीन एसपी को निलंबित कर दिया था। इसके बाद एसओ कबरई देवेंद्र शुक्ला को निलंबित कर दिया गया था।
एसआईटी टीम ने अपनी जांच में पूर्व एसपी से सिपाही अरुण यादव के तार जुड़े होने और लेनदेन की व्यवस्था में सिपाही के शामिल होने पर आईजी के. सत्यनारायण ने निलंबित कर दिया था। इसके बाद तीनों का मुकदमा भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट लखनऊ में मामला पहुंचने के बाद भी तीनों के हाजिर न होने पर गुरुवार को न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण लखनऊ ने निलंबित एसपी मणिलाल पाटीदार, पूर्व एसओ देवेंद्र शुक्ला और निलंबित सिपाही अरुण यादव के खिलाफ गैर जमानतीय वारंट जारी कर दिया है। इसकी पुष्टि एसपी अरुण कुमार श्रीवास्तव ने की है।