इंद्रकांत त्रिपाठी (फाइल फोटो)
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क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के मामले में लखनऊ की जेल में बंद बर्खास्त तत्कालीन कबरई थानाध्यक्ष देवेंद्र कुमार शुक्ला की जमानत अर्जी सोमवार को एंटी करप्शन कोर्ट लखनऊ ने खारिज कर दी। इसी मामले में आरोपी निलंबित आईपीएस अफसर मणिलाल पाटीदार और बर्खास्त सिपाही अरुण कुमार यादव की जमानत अर्जी पर 16 दिसंबर को सुनवाई होनी है।
कबरई कस्बा निवासी इंद्रकांत त्रिपाठी ने इसी साल सात सितंबर को सोशल मीडिया पर वीडियो जारी तत्कालीन एसपी मणिलाल लाल पाटीदार, तत्कालीन कबरई थानाध्यक्ष देवेंद्र कुमार शुक्ला व सिपाही अरुण कुमार यादव और दो व्यापारियों ब्रह्मदत्त व सुरेश सोनी पर भ्रष्टाचार व धमकी देने का आरोप लगाया था।
आठ सितंबर को गोली लगने से घायल हो गए थे। 13 दिसंबर को उनकी कानपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मामले में कबरई थाने में सभी आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। 50 हजार के इनामी फरार तत्कालीन एसपी को छोड़कर बाकी आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। आरोपी दरोगा देवेंद्र कुमार शुक्ला की जमानत अर्जी पर सोमवार को लखनऊ की एंटी करप्शन कोर्ट में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की बातें सुनने के बाद कोर्ट ने देवेंद्र की जमानत अर्जी खारिज कर दी।