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‘कब्रिस्तान बना आशियाना’: जीना मुश्किल था उनके बिना, कब्रों के बीच थमीं सांसें, बोले थे- फातिहा पढ़ आता हूं, और

Sat, 06 Jun 2026 06:20 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा

सार

Mahoba Soulful Story News: हरपालपुर में 11 दिन पहले पत्नी व बेटे की मौत के बाद गम में डूबे सुभान अहमद का शव उनकी पत्नी व बेटे की कब्रों के बीच मिला। इस घटना से तीन बच्चे अनाथ हो गए हैं और अब उनकी जिम्मेदारी ननिहाल पक्ष के कंधों पर है।
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सुभान, उनकी पत्नी और बेटा - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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जब तक रजिया जीवित थी। सुभान अहमद को अपने पैरों पर खड़े होने और चलने के लिए पत्नी के सहारे की जरूरत थी लेकिन 11 दिन पहले जब पत्नी व बेटे की मौत हुई तो सुभान बिना किसी मदद के खड़े होने लगे और अकेले ही चलकर उनकी कब्र पर पहुंच रहे थे। पत्नी व बेटे को खोने के गम में वह टूटे हुए थे।

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ससुरालीजनों को यकीन नहीं हुआ कि उनके दामाद अब दोबारा वापस नहीं आएंगे। सुभान के जाने से अब उनके तीन बच्चों की जिम्मेदारी उनके ससुरालीजनों यानी ननिहाल पक्ष पर आ गई है। मृतक के साले सलीम ने बताया कि जब परिवार हरपालपुर में रहता था] तो रजिया खातून ही पति की देखभाल करती थी।

चुपचाप कब्रिस्तान की ओर निकल जाते थे
उनको उठाने-बैठाने, नहलाने व अन्य कार्यों में पत्नी मदद करती थी। बच्चे भी उनकी मदद के लिए रहते थे। बिना मदद सुभान कहीं आते-जाते नहीं थे, लेकिन जब से पत्नी व बेटे का साथ छूटा था] तो वह बिना किसी मदद के खड़े होने लगे थे और चुपचाप कब्रिस्तान की ओर निकल जाते थे।

शव पत्नी व बेटे की कब्र के बीच में मिला
पत्नी व बेटे के गम में डूबे सुभान को देखकर कोई कुछ नहीं कहता था। शुक्रवार की सुबह चार बजे जब वह निकले तो परिजनों ने कुछ नहीं बोला। उन्हें यकीन था कि एक-दो घंटे में वह रोजाना की तरह लौट आएंगे] लेकिन घंटों बीत जाने के बाद तलाश करने पर उनका शव पत्नी व बेटे की कब्र के बीच में मिला। 11 दिन के अंदर सैफ, रोशनी व आलिया अनाथ हो गए हैं।

ये था पूरा मामला
कैंसर पीड़ित युवक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। 11 दिन पहले उसके बेटे और पत्नी की मौत हुई थी। शुक्रवार को इनकी कब्रों के बीच युवक का शव मिला। उसके पैर में किसी कीड़े के काटे जाने का निशान मिलने पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें मौत की वजह साफ नहीं हो सकी।

सदमे में मां रजिया भी चल बसी
मूलरूप से छतरपुर जिले के हरपालपुर निवासी सुभान अहमद (40) कैंसर पीड़ित थे। वह हरपालपुर में अपनी पत्नी रजिया खातून, बेटे हसनैन, सैफ, बेटी रोशनी व आलिया के साथ रहते थे। 25 मई को हसनैन (06) की उल्टी-दस्त से मौत हो गई। सदमे में मां रजिया भी चल बसी।

फातिहा पढ़ने की बात कहकर निकले थे
दोनों का अंतिम संस्कार कस्बा चरखारी में ईदगाह के पास स्थित कब्रिस्तान में किया गया था। तब से तीन बच्चे व सुभान अहमद अपनी ससुराल चरखारी में रह रहे थे। सुभान रोजाना सुबह पत्नी व बेटे की कब्र पर जाते थे। शुक्रवार सुबह भी वह फातिहा पढ़ने की बात कहकर घर से निकले और वापस नहीं लौटे।

पैर में कीड़ा काटने का निशान था
परिजन खोजबीन करते कब्रिस्तान पहुंचे तो सुभान का शव पत्नी रजिया खातून व बेटे हसनैन की कब्र के बीच पड़ा मिला। उनका एक हाथ बेटे तो दूसरा हाथ पत्नी की कब्र पर था। परिजन उन्हें सीएचसी ले गए जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। मृतक के साले सलीम ने बताया कि बहनोई के पैर में कीड़ा काटने का निशान था।

बहनोई का अंतिम संस्कार बहन की कब्र के पास ही किया
ऐसे में पुलिस को सूचना देकर पोस्टमार्टम कराया गया। सलीम ने बताया कि बहनोई का अंतिम संस्कार बहन की कब्र के पास ही किया गया है। परिजनों ने बताया कि जब तक रजिया जीवित थी, सुभान अहमद को अपने पैरों पर खड़े होने और चलने के लिए पत्नी के सहारे की जरूरत पड़ती थी।
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बच्चों की जिम्मेदारी ननिहाल पक्ष पर आ गई
लेकिन 11 दिन पहले जब पत्नी व बेटे की मौत हुई तो सुभान बिना किसी मदद के खड़े होने लगे और अकेले ही चलकर उनकी कब्र पर पहुंच रहे थे। सुभान की मौत से अब उनके तीन बच्चों बेटे सैफ, बेटी रोशनी व आलिया की जिम्मेदारी उनके ससुरालीजनों यानी ननिहाल पक्ष पर आ गई है।
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