काफी देर तक कोई हलचल नहीं होने पर लोगों को शक हुआ। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार का शीशा तोड़कर शव बाहर निकाला। पुलिस ने कार में ईंधन खत्म मिलने के आधार पर एसी चलाकर सोने के बाद दम घुटने से मौत की आशंका जताई है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी।
एक साल से भरथना में रह रहे थे संजीव
मृतक के ममेरे भाई राजेश यादव ने बताया कि संजीव कुमार के बड़े भाई सुखवीर यादव महोबा में एडीएम के पद पर तैनात हैं। संजीव सहायक अध्यापक थे। उनकी पत्नी संध्या और 11 वर्षीय बेटी हर्षिता शहर में रहती हैं। संजीव बजरंग राइस मिल के पास अपना मकान बनवा रहे थे। मकान निर्माण के चलते वह करीब एक साल से जवाहर रोड स्थित किराए के मकान में रह रहे थे और वहीं से रोजाना स्कूल आना-जाना करते थे।
क्षाबंधन पर भाई की मौत, बहन बोली- किसे राखी बांधूंगी
संजीव की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। घर के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई और परिजन शव देखकर फूट-फूटकर रोने लगे। रक्षाबंधन के दिन भाई की मौत की खबर सुनकर बहन संजू बेसुध हो गईं। रोते हुए वह बार-बार कहती रहीं, “आज मैं किसे राखी बांधूंगी...” बहन के इस विलाप से मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। संजू भी सरकारी शिक्षिका हैं।