राज्यकर्मचारी संयुक्त परिषद शाखा कानपुर देहात का द्विवार्षिक अधिवेशन विकास भवन स्थित आडीटोरियम में आयोजित किया गया। अधिवेशन की अध्यक्षता करते हुए महेश प्रसाद गुप्ता ने राज्य कर्मचारियों की समस्याओं को सभी के समक्ष रखा।
कहा कि राज्य सरकार तमाम विभागों में रिक्त पदों को भरने के लिए नई भर्ती खोले। जिससे विभागों में तैनात राज्यकर्मचारियों से काम का बोझ कम हो सके। इसीक्रम में उन्होंने कहा कि जिलों और ब्लाक मुख्यालयों में तैनात राज्यकर्मचारियों को सचिवालय में तैनात राज्यकर्मचारियों की तरह वेतन व भत्ते दिए जाएं।
जीपीएफ का भुगतान विभागों के नियंत्रण अधिकारी जरूरत पड़ने पर तत्काल दिलाना सुनिश्चित करें। जिससे कर्मचारियों पर आई मुसीबत समय पर दूर हो सके। सबसे अहम मांग रखते हुए महेश गुप्ता ने कहा कि समस्त विभागों ने राज्यकर्मचारियों की नई सेवानियमावली प्रदेश सरकार तत्काल जारी करे और सभी विभागों में नियंत्रण अधिकारी भी बनाया जाए।
अंशकालिक नलकूप चालकों का 1992 में प्रदेश सरकार ने नियमितीकरण तो कर दिया था पर उनकी पीछे की सेवा को जोड़ते हुए पेंशन निर्धारित नहीं की गई है। कहा कि अप्रैल 2005 में जारी की गई नई पेंशन स्कीम को सरकार तत्काल प्रभाव से रद्द करे और पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल करे। उन्होंने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की। अधिवेशन में राज्यकर्मियों की नई कार्यकारिणी भी निर्विरोध निर्वाचित हुई।
इसमें महेश प्रसाद गुप्ता अध्यक्ष, योगेंद्र मिश्रा वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रशासन, बीना श्रीलाल वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन, राजकुमार यादव मंत्री, अशोक कुमार गुप्ता उपाध्यक्ष, महेंद्र प्रताप सिंह कोषाध्यक्ष, विमला शुक्ला संप्रेक्षक निर्वाचित हुई। चुनाव अधिकारी शिवशंकर शुक्ला, सहायक चुनाव अधिकारी रामगोपाल यादव व लालाराम यादव रहे।
शपथ प्रांतीय महामंत्री आरके निगम ने दिलाई। कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा करते हुए सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रांतीय अध्यक्ष एसपी तिवारी वरिष्ठ उपाध्यक्ष योगेंद्र कुमार भदौरिया के नेतृत्व में समस्याओं का शासन स्तर पर निराकरण कराया जाएगा।
कार्यक्रम में डिप्लोमा फार्मासिस्ट के रामशंकर गौतम, सिंचाई खंड के अध्यक्ष पीके कटियार आदि मौजूद रहे।