रसूलाबाद। सियारी नाले में पानी का तेज बहाव होने से महेंद्र नगर में बनाया गया वैकल्पिक रास्ता बह गया। सड़क कटाव से 20 गांवों की करीब 60 हजार आबादी को 10 किमी चक्कर लगाकर आवाजाही करनी पड़ रही है।
सियारी नाला में पानी का तेज बहाव होता है। पुराना पुल जर्जर होने पर उसे तोड़ दिया गया। नजदीक ही दूसरा चौड़ा और ऊंचा पुल (लघु सेतु) बनाया जा रहा है। ठेकेदार ने वैकल्पिक तौर पर पैदल, साइकिल व बाइक सवारों की आवाजाही के लिए तोड़े गए पुराने पुल के स्थान पर सीमेंटेड पाइप डालकर ऊपर मिट्टी का भराव कराकर वैकल्पिक रास्ता बनाया गया था। इधर कई दिन से हो रही बारिश से सियारी नाला उफना गया है। तेज बहाव में बनाया गया वैकल्पिक रास्ता बह गया।
अब सड़क पर चौड़ा कटाव ही नजर आ रहा है। इससे महेंद्र नगर सेक्टर नंबर दो, सेक्टर नंबर चार ताजपुर, तरसौली, शंकरपुर, जीता का पुरवा, भीमसेन पुरवा, कल्ला का पुरवा, सुजानपुर और बखरिया समेत करीब बीस गांवों के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। निखिल, दीवान, रंजीत, मधु, सुशील, राहुल, विश्वजीत, प्रकाश, सुमित्रा और शोभा आदि ने बताया कि वैकल्पिक मार्ग से खेती के लिए बीज, खाद और अन्य जरूरी सामान लेकर आते थे। यहां से तहसील और जिला मुख्यालय की आवाजाही होती थी। लेकिन अब भवनपुर से तरसौली होकर 10 किमी अतिरिक्त चक्कर लगाकर आवाजाही करनी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि वैकल्पिक रास्ता दुरुस्त कराने की मांग एसडीएम रसूलाबाद से की है। एसडीएम अखिलेश कुमार ने बताया कि बहाव में कटे वैकल्पिक रास्ते को दुरुस्त कराया जाएगा। इसके लिए लोक निर्माण विभाग के अभियंता को निर्देशित किया जा रहा है।