इस बार सर्वार्थ सिद्धि योग में महाशिवरात्रि 24 फरवरी को है। महर्षि भारद्वाज वेद वेदांग शिक्षण संस्थानम् के अाचार्य माेहित पांडेय ने बताया कि प्रदोष व्रत एवं महाशिवरात्रि पर द्वादश पूजन का विधान है। महानिशीथ काल का पूजन सर्वोत्तम माना जाता है।
इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 6:30 बजे से अगले दिन 7:37 बजे तक रहेगा। रात 9:39 बजे तक त्रयोदशी है। महानिशीथकाल में चतुर्दशी है।
एेसे करें पूजा
स्कंद पुराण के अनुसार इस कालखंड में साधना करना अनेक प्रकार के भयो से मुक्त कराता है। उन्होंने बताया कि प्रदोषकाल में पुन: स्नान करके रुद्राक्ष की माला धारण करे पूर्व या उत्तर मुख करकेशिव भगवान की आराधना करें। तीनों पहर में जल, गंध, पुष्प, बेलपत्र, धतूरे के फूल, गुलाबजल, धूप, दीप, नैवेद्य आदि से पूजन करें। ऐसा करने से शासन सत्ता, राजनीति मुकदमे आदि में सफलता मिलती है। मानसिक रोगों से मुक्ति मिलती है।