टीवी पर यूपी की तस्वीर ऐसी दिखती है कि जैसे यहां सब कुछ ठीक है, विकास की कोई जरूरत नहीं। असलियत देखी जाए तो सड़कें इस कदर टूट पड़ी हैं कि पब्लिक हर रोज दिक्कतें झेल रही है। सपा सरकार के गुंडे गरीबों की जमीन छीन रहे हैं पुलिस नेताओं के इशारे पर काम कर रही है।
सोमवार को एक होटल में आयोजित टीवी चैनल के डिबेट में अखिलेश सरकार पर यह भड़ास भाजपा सांसद साध्वी निरंजन ज्योति ने निकाली। साध्वी ने कहा कि यूपी में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। यहां आए दिन महिलाओं के साथ शोषण और अत्याचार की घटनाएं सामने आ रही हैं। बलात्कार और हत्याओं की खबरों से अखबार रंगे पड़े हैं। सबसे ज्यादा अत्याचार तो दलितों के साथ हो रहा है यहां दलितों की सुनने वाला कोई भी नहीं है। यही अव्यवस्थाएं ही सपा को उत्तर प्रदेश की राजनीति से दूर कर रही हैं। कहा कि मैं गांव से आती हूं और अच्छी तरह से जानती हूं कि विकास के क्या मायने हैं। अपने एक बयान पर उन्होंने जनता से फिर माफी मांगी जिससे कुछ लोगों की भावनाओंं को ठेंस पहुंची थी। राम मंदिर मुद्दे पर बोलीं कि सभी पार्टियों को यह मसला एक साथ बैठकर हल करना चाहिए, न कि कोई राजनीतिक बयानबाजी से रोटियां सेकी जाएं। राम मंदिर मसले पर भी कश्मीर की तरह सर्वदलीय बैठक होनी चाहिए। भारतीय जनता पार्टी में कार्यकर्ताओं की सुनी जाती है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू करने के लिए उन्होंने भाजपा की बड़ाई भी की। मौजूदा प्रदेश सरकार पर फिर से निशाना साधते हुए उन्होंने बुंदेलखंड के हालातों पर सपा सरकार जिम्मेदार है। साध्वी ने कहा कि कांग्रेस गांधी नेहरू परिवार से आगे नहीं सोच पा रही है। चार साल मुलायम और शिवपाल को कानून की याद नहीं आई और अब चुनाव आ रहे हैं तो इन सभी को व्यवस्था बेहतर करने की याद आई है। सपा सरकार सड़कें बनवाने के लिए प्रस्ताव नहीं देती। जिसकी वजह से यूपी के हालत खराब होते जा रहे हैं। इस दौरान उन्होंने बांदा का शीलू प्रकरण भी जोरदारी के साथ उठाते हुए पिछली बसपा सरकार को निशाने पर लिया। कहा कि जिस पार्टी का विधायक एक मासूम लड़की को बंधक बनाकर कई दिनों तक यौन शोषण जैसे जघन्य अपराध को अंजाम दे सकता है तो भला ऐसी पार्टी सत्ता में आएगी तो प्रदेश की कानून व्यवस्था का क्या हाल होगा। बसपा और सपा का खुलकर विरोध करते हुए साध्वी ने यूपी का चौतरफा विकास कराने की बात कही।