मामला प्रकाश में आने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने तत्काल इसका संज्ञान लिया है। बुधवार को आयोग ने यूपी के डीजीपी और पुलिस कमिश्नर कानपुर को पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया है कि जिन पुलिसकर्मियों ने मारपीट की है उनके खिलाफ केस दर्ज किया जाए। जांच भी तय समय में पूरी हो। जो भी कार्रवाई की जाए, उसके बारे में आयोग को भी अवगत कराया जाए। इसके पहले राज्य महिला आयोग भी रिपोर्ट मांग चुका है।
जांच का हवाला, बचाने का खेल
मामले में शुरू से ही अफसर पिटाई करने वाले पुलिसकर्मियों का बचाव करने का प्रयास कर रहे हैं। अफसरों का कहना है कि केस बेहद पेचीदा है। इसलिए हर पहलू पर जांच की जा रही है। हां, ये जरूर है कि इसमें नियमों का ध्यान रखा जाए। वहीं, वृद्धा चीख-चीख कर कह रही है कि पुलिस ने टॉर्चर किया। बर्बरता के निशान भी हैं। पर, अभी तक एक भी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई नहीं हुई है। अफसरों का कहना है कि एडीसीपी महिला अपराध को जांच सौंपी गई है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। जांच का हवाला देकर बचाव करने का प्रयास चल रहा है।