न तो कोई गवाह पेश कर सकी और न ही साक्ष्य
स्वरूपनगर थाने के अतिरिक्त निरीक्षक राजेश यादव जांच में दुष्कर्म का साक्ष्य न मिलने पर डॉक्टर को क्लीनचिट देते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दी। विवेचक ने दावा किया है कि पीड़िता न तो कोई गवाह पेश कर सकी और न ही साक्ष्य। डॉक्टर को क्लीनचिट मिलने की जानकारी होते ही पीड़िता ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी के पास पहुंची।
जांच में कई इलेक्ट्रानिक साक्ष्य शामिल न करने का आरोप
उसने विवेचक पर जांच के दौरान कई इलेक्ट्रानिक साक्ष्य जैसे व्हाट्सएप चैट, कॉल डिटेल व फोटो वीडियो शामिल न करने का आरोप लगाया है। इस पर जेसीपी ने उन्हें साक्ष्य प्रस्तुत करने की बात कहते हुए विवेचक को जांच रिपोर्ट के साथ तलब किया है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अश्लील वीडियो बनाकर किया था दुष्कर्म
कल्याणपुर निवासी एक महिला ने मेडिकल कॉलेज के पूर्व सीनियर डॉक्टर प्रेम सिंह पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए स्वरूपनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि डॉक्टर ने जांच के बहाने उनका अश्लील वीडियो बना लिया। इसके बाद सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर दुष्कर्म करता रहा। शिकायत पर जान से मारने की भी धमकी दी।
2018 में इलाज कराने पहुंची थी महिला
महिला ने बताया कि वर्ष 2018 में उसके दाहिने स्तन पर गांठ की शिकायत थी। वह मेडिकल कॉलेज में इलाज करने गई थी। जांच के बाद परमर्शदाता ने उन्हें इलाज के लिए मेडिसिन विभाग के सीनियर फिजिशियन डॉ. प्रेम सिंह के पास भेजा गया। आरोप है कि डॉ. प्रेम ने जांच के बहाने उनका वीडियो बना लिया।
तबादला होने के बाद भी करता रहा ब्लैकमेल
इसके बाद सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देते हुए उनका शरीरिक शोषण शुरू कर दिया। विरोध पर जान से मारने की धमकी दी। डॉक्टर की धमकी और शोषण के चलते वह डिप्रेशन में रहने लगी। वर्ष 2021 में डॉ. प्रेम का गैर जनपद तबादला हो गया। इसके बाद भी वह अक्सर शहर आकर उसका शोषण करता रहा।
डॉक्टर को कई बाद भेजा गया था नोटिस
इसकी शिकायत उसने कई बार पुलिस-प्रशासन में की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने जन शिकायत प्रकोष्ठ में शिकायत की। मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने कई बार डॉक्टर को नोटिस भेजकर बयान दर्ज करने के लिए बुलाया, पर डॉक्टर ने कोई जवाब नहीं दिया था। इसके पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी।