आर्डनेंस फैक्ट्री कानपुर (ओएफसी) और फील्डगन फैक्ट्री में विकसित की गई शारंग तोप फरवरी में एक समारोह में सेना को सौंप दी जाएगी। फील्ड गन की तोप का 17 जनवरी को उड़ीसा के बालासोर में 20 राउंड सफल परीक्षण किया गया था। 2022 तक सेना को 300 तोप दी जानी हैं। एक तोप की कीमत करीब 70 लाख होगी। विदेश से निर्यात होने वाली इसी कैलीबर की तोप 8-10 करोड़ में पहले आती रही है।
फील्डगन फैक्ट्री में वेंडर मीट के बाद पत्रकार वार्ता में यह जानकारी निर्माणी के महाप्रबंधक शैलेंद्र नाथ ने दी। उन्होंने बताया कि दो साल पहले सोल्टम तोप को अपग्रेड करने का काम मिला था। शारंग इस्रायली तोप सोल्टम का आधुनिक संस्करण है। पहले इसकी कैलिबर 135 एमएम थी। जिसे अब 155 एमएम बनाया जा चुका है। मारक क्षमता 38 किलोमीटर है। पहाड़ों में छिपे दुश्मनों को तबाह करने की विशेष क्षमता है।
वार्ता के दौरान अपर महाप्रबंधक दिनेश सिंह, पीएस बंदोपाध्याय और राजीव जैन मौजूद रहे। शारंग का निर्माण ओएफसी और फील्ड गन मिलकर करेंगे। महाप्रबंधक ने बताया कि शारंग तोप का निर्यात भी होगा। संभवता फील्ड गन फैक्ट्री देश की ऐसी पहली निर्माणी होगी जहां पर सिटीजन चार्टर लागू किया जाएगा। इस संबंध में प्रस्ताव बनाकर आयुध निर्माणी बोर्ड को भेजा गया है। निर्माणी में चार महीने में पीएनजी लाइन बिछाने के लिए सीयूजीएल के साथ समझौता किया गया है। डीजल और फर्नेंस ऑयल से चलनी वाली मशीनें पीएनजी से चलेंगी।