फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्षेत्रीय संगठन मंत्रियों के फीडबैक पर तय होगी चुनावी रणनीति

Tue, 29 Jan 2019 12:36 PM IST
शिखा पांडेय पंकज प्रसून, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
मोहन भागवत
विज्ञापन
अपने कानपुर प्रवास के सातवें दिन सोमवार को संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भाजपा के सभी क्षेत्रीय संगठन मंत्रियों के साथ मिलकर आगामी लोकसभा चुनाव की रणनीति पर मंथन किया। क्षेत्रीय संगठन मंत्रियों से उनके क्षेत्र के तहत आने वाली लोकसभा सीटों की वर्तमान स्थिति और चुनाव के दौरान किस तरह का परिणाम आने की उम्मीद है, इस पर चर्चा की। पता चला है कि क्षेत्रीय संगठन मंत्रियों ने जो फीडबैक संघ प्रमुख को दिया है, उसी के आधार पर भाजपा की चुनावी रणनीति बनाई जाएगी। 
विज्ञापन


पनकी स्थित नारायणा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के परिसर में सुबह शाखा के तत्काल बाद प्रदेश के पांचों क्षेत्रों के संगठन मंत्रियों की बैठक शुरू हुई। बैठक का मुख्य एजेंडा लोकसभा चुनाव 2019 रहा। इस दौरान मोहन भागवत ने एक-एक संगठन मंत्री से उनके क्षेत्र में आने वाली लोकसभा सीटों की जानकारी ली। सपा-बसपा के गठबंधन के बाद चुनाव में भाजपा का रुख क्या रहेगा, क्षेत्र की जनता का क्या रुझान है, इन सभी मुद्दों पर देर तक चर्चा हुई।

लोकसभा चुनाव में यूपी में भाजपा की स्थिति को लेकर सभी क्षेत्रीय संगठन मंत्रियों ने अपनी-अपनी रिपोर्ट संघ प्रमुख के सामने रखी। बताया जा रहा है कि इस रिपोर्ट में कई लोकसभा सीटें ऐसी भी हैं, जहां पर प्रत्याशी बदलने के बाद स्थिति बेहतर होने की बात कही गई है। यह भी पता चला है कि प्रदेश सरकार के कुछ मंत्रियों को भी लोकसभा चुनाव में उतारने से स्थिति बेहतर होने की बात कही गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मोहन भागवत
बैठक में कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के संगठन मंत्री भवानी सिंह, अवध क्षेत्र के प्रद्युमभन, काशी और गोरक्ष क्षेत्र के रत्नाकर और पश्चिम उप्र क्षेत्र के अजय शामिल रहे। इसके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिवप्रकाश ने भी संघ प्रमुख से मुलाकात की। माना जा रहा है कि संगठन मंत्रियों और संघ प्रमुख की इस मुलाकात से यूपी में भाजपा की चुनावी रणनीति में काफी बदलाव देखने को मिलेगा। 

चुनावी रणनीति में शामिल हैं ये बातें 
- पिछड़ी और अनुसूचित जातियों से जुड़े मतदाताओं, परिवारों तक पहुंच बनाने पर जोर।
- बूथ के अलावा पन्ना प्रमुखों की सक्रियता बढ़ाना।
- घर-घर के प्रत्येक सदस्य का परिचय लेना और उसे संगठन के सोशल मीडिया से जोड़ना।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें