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खग्रास चंद्रग्रहण: सूतक काल से ग्रहण काल तक की संपूर्ण खबर 

Fri, 27 Jul 2018 05:34 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो पिक
खग्रास चंद्रग्रहण 27 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के दिन पड़ रहा है। जानकारों की मानें तो 104 वर्षों बाद इतना लंबा ग्रहण लगेगा। जिसकी अवधि लगभग 4 घंटे रहेगी। यह ग्रहण कई मायनों में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
ज्योतिषाचार्य संजय श्रीवास्तव बता रहे हैं चंद्रग्रहण से जुड़ी संपूर्ण जानकारी... 
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डेमो पिक
यह पूर्ण चंद्रग्रहण सदी का सबसे लंबा और बड़ा चंद्रग्रहण है। इसकी पूर्ण अवधि 3 घंटा 55 मिनट होगी। इस ग्रहण को कम से कम तीन महाद्वीपों में देखा जा सकेगा। भारत के अलावा यह ग्रहण इंडोनेशिया, भूटान, म्यामार, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, चीन, नेपाल, अफ्रीका, आस्ट्रेलिया, व अमेरिका के मध्य व पूर्वी भाग में दिखाई देगा। 

आगे की स्लाइड में पढ़ें- ग्रहण कब से कब तक... 
 
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ग्रहण कब से कब तक

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स्पर्श - रात्रि 11 बजकर 54 मिनट
सम्मिलन - रात्रि 1 बजे
मध्य - रात्रि 1 बजकर 52 मिनट
उन्मीलन - रात्रि 2 बजकर 44 मिनट
मोक्ष - रात्रि 3 बजकर 49 मिनट
ग्रहण का कुल पर्व काल - 3 घंटा 55 मिनट

आगे की स्लाइड में पढ़ें- ग्रहण काल में इन बातों का रखें ध्यान... 

ग्रहण काल में इन बातों का रखें ध्यान 

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- ग्रहणकाल में प्रकृति में कई तरह की अशुद्ध और हानिकारक किरणों का प्रभाव रहता है। इसलिए कई ऐसे कार्य हैं जिन्हें ग्रहण काल के दौरान नहीं किया जाता है।
- ग्रहणकाल में सोना नहीं चाहिए। वृद्ध, रोगी, बच्चे और गर्भवती स्त्रियां जरूरत के अनुसार सो सकती हैं। 
- ग्रहणकाल में अन्न, जल ग्रहण नहीं करना चाहिए।
- ग्रहणकाल में यात्रा नहीं करनी चाहिए इससे दुर्घटनाएं होने की आशंका रहती है।
 
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- ग्रहणकाल में स्नान न करें। ग्रहण समाप्ति के बाद ही स्नान करना चाहिए। 
- ग्रहण को खुली आंखों से न देखें। एेसा करने पर दुष्परिणाम भुगतना पड़ सकता है। 
- ग्रहणकाल के दौरान महामृत्युंजय मत्र का जाप करते रहना चाहिए। 

आगे की स्लाइड में पढ़ें- गर्भवती स्त्रियां भूलकर भी न करें ये कार्य... 
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गर्भवती स्त्रियां ग्रहण काल में भूलकर भी न करें ये कार्य 

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डेमो पिक
- ग्रहण का सबसे अधिक असर गर्भवती स्त्रियों पर होता है। ग्रहण काल के दौरान गर्भवती स्त्रियां घर से बाहर न निकलें।
- बाहर निकलना जरूरी हो तो गर्भ पर चंदन और तुलसी के पत्तों का लेप कर लें। इससे ग्रहण का प्रभाव गर्भस्थ शिशु पर नहीं होगा।
- ग्रहण काल के दौरान यदि खाना जरूरी हो तो सिर्फ खानपान की उन्हीं वस्तुओं का उपयोग करें जिनमें सूतक लगने से पहले तुलसी पत्र या कुशा डला हो।
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डेमो पिक
- गर्भवती स्त्रियां ग्रहण के दौरान चाकू, छुरी, ब्लेड, कैंची जैसी काटने की किसी भी वस्तु का प्रयोग न करें। इससे गर्भ में पल रहे बच्चे के अंगों पर बुरा असर पड़ता है।
- सुई से सिलाई भी न करें। माना जाता है इससे बच्चे के कोई अंग जुड़ सकते हैं।

आगे की स्लाइड में पढ़ें- ग्रहण का राशियों पर प्रभाव... 

ग्रहण का राशियों पर प्रभाव 

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मेष- तरक्की होगी, मान-सम्मान में वृद्धि, कार्य का बोझ रहेगा, हरी चीज का दान करें। 
वृष- मान-सम्मान को ठेस, धन खर्च होगा, कुटुम्ब से तनाव, स्वास्थ्य में ध्यान दें, पीली चीज का दान करें। 
मिथुन - स्वास्थ्यगत परेशानियां, ससुराल व पत्नी से तनाव, लाल चीज का दान करें। 
 

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कर्क - व्यवसायिक अवरोध, पत्नी से मनमुटाव, मानसिक तनाव, चिंता ग्रस्त रहेंगे, काली चीज का दान करें। 
सिंह - मामा-मौसी को कष्ट, शत्रु परास्त, यात्रा से लाभ, काली चीज का दान करें। 
कन्या - संतान से चिंता, धन खर्च, लाल चीज का दान करें। 

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तुला - वाहन से कष्ट, माता के स्वास्थ्य के प्रति चिंता, पिता से मनमुटाव रहेगा, पीली चीज का दान करें। 
वृश्चिक - भाई व मित्र से सहयोग, भाग्योन्नति के लिए विशेष श्रम, हरी चीजों का दान करें। 
धनु- व्यवसायिक नुकसान, उधार लेन देन न करें, सफेद चीजों का दान करें। 
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मकर - वाहन, चोट, दुर्घटना से सावधानी बरतें, पत्नी की सलाह से कार्य करें, पीला दान करें। 
कुम्भ - शत्रु परास्त, रुके हुए कार्यों की पूर्ति, धन खर्च रहेगा, सफेद चीजों का दान करें। 
मीन - लाभ व अाय के स्त्रोत में कमी, नए सहयोगी प्राप्त होंगे, लाल चीजों का दान करें। 
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