इसे उत्तर प्रदेश का सौभाग्य ही कहेंगे कि उसे देश का सबसे लंबा एक्सप्रेस वे यानी 'आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे' मिलने जा रहा है। 21 अक्टूबर को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे को प्रदेश की जनता को समर्पित करेंगे। कई दिनों से चर्चाओं में चल रहे इस एक्सप्रेस वे की खासियत जानने की सबकी इच्छा तो रही होगी। तो आइए जानते हैं आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से जुड़ी की खास बातें...
खास बातें
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे 13 हजार करोड़ की लागत से बना है। सड़क की कुल लंबाई 370 किलोमीटर और चौड़ाई 110 मीटर है। एक्सप्रेस-वे उन्नाव, कानपुर, हरदोई, औरैया, मैनपुरी, कन्नौज, इटावा और फिरोजाबाद से आगरा को जोड़ेगा। यहीं नहीं, एक्सप्रेस-वे के रास्ते में गंगा समेत पांच नदियां भी पड़ेंगी। इन्हें पार करने के लिए एक्सप्रेस वे पर 13 बड़े और 52 छोटे पुल व चार आरओबी बने हैं। सड़क पर आवाजाही में कोई रुकावट न हो इसका विशेष ध्यान रखते हुए 132 फुट ओवरब्रिज और गांव व कस्बों की सुविधा के लिए 59 अंडरपास दिए गए हैं।
वहीं तीन किमी लंबी हवाई पटटी के पास (खंभौली-कबीरपुर के बीच) एक्सप्रेस-वे की सड़क को आने वाले समय में 12 लेन किया जाएगा। सबसे बड़ी खासियत है कि आपात स्थिति मे हवाई पटटी पर जहाजों की लैंडिंग और टेकऑफ भी की जा सकेगी। इस दौरान दोनों ओर से ट्रैफिक भी चलता रहेगा।
सप्ताहभर बाद फर्राटा भरेंगे वाहन
लखनऊ -आगरा एक्सप्रेस-वे आम जनता के लिए करीब एक सप्ताह बाद चालू कर दिया जाएगा। अभी एक्सप्रेस-वे पर एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाया जाना बाकी है। इसके अलावा साइड बैरीकेटिंग में आधुनिक रिफलेक्टिव पेंट भी होगा। इससे दुर्घटना और ट्रैफिक जाम की समस्या नहीं होगी। उन्होंने बताया कि एक्सप्रेस-वे पर वाहन तो फर्राटा भरेंगे ही आपात स्थित में इसे हवाई पटटी के रूप में भी प्रयोग किया जा सकेगा।