कांग्रेस के गठबंधन की नैया पर सवार सपा प्रत्याशियों के प्रचार की पतवार पूर्व विधायक लुईस खुर्शीद के हाथ पहुंच गई है। फर्रुखाबाद सदर विधानसभा से टिकट न मिलने से खफा पूर्व विदेश राज्यमंत्री सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव को सबक सिखाने की बात कही है।
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बुझे मन से सपा का चुनाव प्रचार करने की बात तो कह रहे हैं, लेकिन उन्हें भी लुईस के हुक्म का इंतजार है। सपा मुखिया मुलायम सिंह के प्रचार के बयान से यहां का चुनावी परिदृश्य बदल रहा है। सैफई घराने की रार से अलग-थलग पड़े सपा के दिग्गज नेता भी चुनाव में सक्रिय हो गए हैं। सदर विधानसभा से कांग्रेस से टिकट की मांग कर रहीं लुईस खुर्शीद को जब हाईकमान ने टिकट नहीं दिया तो उन्होंने गठबंधन के बाद सपा प्रत्याशियों के पक्ष में कांग्रेसजनों द्वारा प्रचार करने की कमान अपने हाथ थाम ली।
लुईस खुर्शीद ने कहा कि रामगोपाल ने हठधर्मिता टिकट देने में दिखाई है। इसका सबक उन्हें जरूर सिखाया जाएगा। इसके लिए वे रणनीति बना चुकी हैं। इस रणनीति को वह अपने कार्यकर्ताओं को 4 फरवरी को अपने पति के पैतृक आवास पितौरा में बताएंगी। फिलहाल कांग्रेस के कार्यकर्ता, पदाधिकारी अभी हाथ पर हाथ रखे बैठे हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष का कहना है कि जब गठबंधन हुआ है तो चुनाव प्रचार भी किया जाएगा। फिलहाल पूर्व विधायक लुईस खुर्शीद के आने के बाद ही रणनीति बन सकेगी।
वहीं दूसरी तरफ सैफई घराने की रार से यहां चल रही मुलायम के सम्मान और अखिलेश के फरमान को लेकर कस्मकश समाप्त हो गई है। मुलायम के प्रचार की बात कहते ही उनके अति करीबी विश्वास गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव समेत दर्जनों दिग्गज नेता सक्रिय हो गए हैं। सपा प्रत्याशियों के भी चेहरे खिल गए हैं। सपा जिलाध्यक्ष नदीम फारुकी का कहना है कि मुलायम सिंह का आशीर्वाद पहले से ही था। अब उनके प्रचार की बात कहने पर चुनावी परिदृश्य बदल गया है। सभी नेता एकजुट होकर सक्रिय हो गए हैं।