संदलपुर। ब्लाॅक संदलपुर के कई गांवों में एचटी (11 केवी) लाइन के तार ढीले हैं। लटकते झूलते तारों के पास में टकराने से फाल्ट होते हैं। वहीं तार टूटने की घटनाएं भी होती है। दो माह पूर्व परौंख व कसोलर में हादसे हो चुके हैं लेकिन बिजली निगम कर्मी अनदेखी किए हैं। इससे लोग डरे हैं।
ब्लाॅक के कठरा, बहबलपुर, ररौख, मुरादपुर, कसोलर, हरपुरा, संदलपुर, कौरु, जैतापुर, रेवा आदि गांवों से निकली एचटी लाइन के तार ढीले हैं। कई जगह जर्जर तारों पर ही करंट दौड़ाया जा रहा है। सिर के महज कुछ इंच की दूरी पर लटकते तारों से राहगीर खतरे की आशंका से डरे हैं। वहीं ट्रैक्टर पर अनाज लेकर गुजरने वाले ट्रैक्टर चालक व किसानों के साथ हादसे का खतरा है। कसोलर के प्रधान प्रदीप कटियार व ररौख के पूर्व प्रधान कृष्ण कुमार पाल ने बताया कि निर्धारित ऊंचाई से काफी नीचे तार झूल रहे हैं।
तारों के टूटकर गिर जाने से दो माह पूर्व ररौख व कसोलर में दो व्यक्तियों की मौत हो चुकी है। तब बिजली निगम के अफसरों ने तारों को ठीक कराने का आश्वासन दिया था। इसके बाद कोई काम नहीं कराया गया। कठरा निवासी कमलेश सविता, जैतापुर के दिलीप सिंह ने बताया कि खेतों में सिंचाई व बोआई की गतिविधि किसान कर रहे हैं। इधर तेज हवा, आंधी व बारिश के दौरान जर्जर व लटकते झूलते तारों के टूटकर खेत में गिरने का खतरा बना है। कई बार बिजली लाइनों को ठीक कराने के लिए शिकायत की गई पर कोई सुनवाई नहीं हुई। संदलपुर उपकेंद्र के जेई सुभाष चंद्र ने बताया कि लाइनमैनों को निर्देश दिए गए हैं। तारों को कसवाया जाएगा।