लोकसभा चुनाव के नतीजों ने भाजपा के विधायकों की पोल खोल दी है। विधानसभा चुनाव में इत्रनगरी में भाजपा के विधायकों ने क्लीन स्वीप किया था। इस बार सभी को हार का सामना करना पड़ा। सभी विधानसभा क्षेत्र के विधायक जोर लगाकर भी साइकिल की रफ्तार को थामने में नाकाम साबित हुए।
कन्नौज संसदीय सीट की पांच विधानसभा में तीन कन्नौज में हैं और दो जिले के बाहर हैं। इसमें चार सीटों पर भाजपा और एक सीट पर सपा का कब्जा है। कन्नौज सदर सीट से असीम अरुण प्रदेश सरकार में समाज कल्याण के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री हैं। छिबरामऊ सीट से अर्चना पांडेय लगातार दूसरी बार की विधायक हैं। तिर्वा सीट से कैलाश राजपूत चार बार के विधायक हैं।
कानपुर देहात की रसूलाबाद सीट से भाजपा की पूनम शंखवार विधायक हैं। औरेया की बिधूना सीट सपा के पास है। यहां से रेखा वर्मा विधायक हैं। चुनाव के ऐलान के बाद से विधायकों ने अपने-अपने इलाके में खूब जोर दिखाया, लेकिन नतीजों ने उनकी मेहनत और सक्रियता की पोल खोल दी। कन्नौज की तीन सीट पर भाजपा को करारा झटका लगा। रसूलाबाद सीट भी भाजपा गंवा बैठी। हालांकि, औरेसा के बिधूना से सपा की विधायक रेखा वर्मा ने जरूर अपनी पार्टी को रिकॉर्ड 40 हजार वोटों की बढ़त दिलाने में कामयाबी हासिल की।
पांचों विधानसभा में यह है पिछला चुनावी रिकॉर्ड
कन्नौज सदर: मंत्री असीम अरुण ने दी थी अखिलेश को चुनौती
सदर सीट से भाजपा के विधायक असीम अरुण प्रदेश सरकार में समाज कल्याण विभाग के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री हैं। आईपीएस अधिकारी रहे असीम अरुण 2022 के विधानसभा चुनाव में कानपुर पुलिस कमिश्नर के पद से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुए। सपा की मजबूत सीट को जीता। लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव पर खूब निशाना साधा। यहां से लड़ने की चुनौती दी। डरने की बात कही। चार लाख वोट से हराने का दावा किया। अब अखिलेश यादव जीत गए हैं। उन्होंने चुनावी बातों को भूलकर शुभकामना संदेश जारी कर बधाई दी है। लोकसभा चुनाव में इस बार सपा ने यह सीट 34244 वोट से जीती।
सदर का पिछला रिकॉर्ड:
2014 लोकसभा: सपा को 111272, भाजपा को 103171, बसपा को 29867 वोट
2017 विधानसभा: सपा को 99635, भाजपा को 97181, बसपा को 44182 वोट
2019 लोकसभा: सपा को 126290, भाजपा को 117449, बसपा लड़ी नहीं
2022 विधानसभा: सपा को 114786, भाजपा को 120876, बसपा को 26239 वोट
इस बार: यहां सपा को सबसे ज्यादा 138567 वोट मिले। भाजपा को 104323 और बसपा को 19871 वोट मिले।
छिबरामऊ : दोनों ही बार सपा की रिकॉर्ड बढ़त
कन्नौज संसदीय सीट की सबसे बड़ी विधानसभा सीट है छिबरामऊ। यहां से भाजपा की विधायक अर्चना पांडेय हैं। लगातार दूसरी बार जीती हैं। वर्ष 2017 का चुनाव बड़े अंतर और वर्ष 2022 का नजदीकी मुकाबले में जीता था। वह पिछली सरकार में राज्यमंत्री थीं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा को यहां बढ़त नहीं मिली थी। इस बार सपा ने अपने सभी पिछले रिकॉर्ड को तोड़कर भाजपा को करारी शिकस्त दे दी। सपा को भाजपा से 51476 वोट ज्यादा मिले।
छिबरामऊ का पिछला रिकॉर्ड
- 2014 लोकसभा : सपा को 125969 , भाजपा को 102336, बसपा को 18998 वोट
- 2017 विधानसभा: सपा को 72663, भाजपा को 112209, बसपा को 74985 वोट मिले
- 2019 लोकसभा: सपा को 130929, भाजपा को 119183 , बसपा नहीं लड़ी थी
- 2022 विधानसभा: सपा को 123662, भाजपा को 124773, बसपा को 22000 वोट
इस बार: यहां सपा को रिकॉर्ड 161107 वोट मिले। भाजपा को 109631 और बसपा को 10961 वोट मिले।
तिर्वा : चार चुनाव बाद सपा ने भाजपा को पछाड़ा
कन्नौज संसदीय सीट में शामिल तिर्वा विधानसभा सीट सपा के लिए हमेशा मुश्किल भरी रही है। पिछले दो विधानसभा और दो लोकसभा चुनाव में सपा को यहां कामयाबी नहीं मिली थी। यहां से भाजपा के विधायक कैलाश राजपूत हैं। वह चौथी बार के विधायक हैं। पिछली बार भाजपा को इस सीट से 15 हजार वोट की बढ़त मिली थी। विधानसभा चुनाव में भी भाजपा करीब पांच हजार वोट से जीती थी। इस बार यहां सपा को 34358 वोट की बढ़त मिली।
तिर्वा का पिछला रिकॉर्ड:
- 2014 लोकसभा : सपा को 94455, भाजपा को 102486, बसपा को 18862 वोट
- 2017 विधानसभा: सपा को 76217, भाजपा को 100426, बसपा को 32036
- 2019 लोकसभा: सपा को 100420, भाजपा को 115778, बसपा नहीं लड़ी
- 2022 विधानसभा: सपा को 101481, भाजपा को 106089, बसपा को 23092 वोट
इस बार: यहां सपा को सबसे ज्यादा 127185 वोट मिले। भाजपा को 92827 ही मिले। बसपा को 11494 वोट मिले।
बिधूना: सपा विधायक ने कायम रखा दबदबा
कन्नौज संसदीय सीट में चौथी शामिल विधानसभा सीट औरेया की बिधूना। यह सीट सपा के कब्जे में है। लोधी बिरादरी की रेखा वर्मा यहां से विधायक हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा ने यह सीट भाजपा से छीनी थी। भाजपा के विधायक रहे विनय शाक्य को अपने पाले में कर लिया था। उसके पहले हुए 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने यहां मामूली बढ़त बनाई थी। इस बार सपा ने विधानसभा चुनाव में जीत से भी बड़ी बढ़त हासिल की है। लोधी बहुल क्षेत्र में सपा को पीडीए फार्मूले का पूरा लाभ मिला। 40117 वोट की बढ़त मिली।
बिधूना का पिछला रिकॉर्ड:
- 2014 लोकसभा: सपा को 75656, भाजपा को 88078, बसपा को 29022 वोट
- 2017 विधानसभा: सपा को 77995, भाजपा को 81905, बसपा को 53366 वोट
- 2019 लोकसभा: सपा को 106025, भाजपा को 106365, बसपा चुनाव नहीं लड़ी
- 2022 विधानसभा: सपा को 97257, भाजपा को 89492, बसपा को 32220 वोट
इस बार: सपा को सबसे ज्यादा 120460 वोट मिले। भाजपा को 80343 वोट और बसपा के हिस्से में 20687 वोट आए।
रसूलाबाद: भाजपा के कब्जे वाली मुश्किल सीट भी सपा जीती
कन्नौज संसदीय सीट के पांचवीं सीट है कानपुर देहात की रसूलाबाद। अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित इस सीट पर भाजपा का कब्जा है। पिछले तीन चुनाव में सपा को यहां भाजपा से मात मिली। 2017 और 2022 का विधानसभा चुनाव भाजपा ने जीता। 2019 के लोकसभा चुनाव में भी भाजपा ने यहां मिली बढ़त के आधार पर ही लोकसभा सीट जीत ली थी। इस बार सभी समीकरण पलट गए। हालांकि, सपा को इसी सीट पर सबसे कम 9881 वोट से बढ़त मिली।
रसूलाबाद का पिछला रिकॉर्ड:
2014 लोकसभा: सपा को 79594 , भाजपा को 72911 बसपा को 30919 वोट
2017 विधानसभा: सपा को 54996, भाजपा को 88390, बसपा को 41060 वोट
2019 लोकसभा: सपा को 85541, भाजपा को 102511, बसपा नहीं लड़ी
2022 विधानसभा: सपा को 70271, भाजपा को 91783, बसपा को 28189 वोट
इस बार: सपा के हिस्से में 92888 वोट आए। भाजपा को 83007 वोट मिले और बसपा 18458 वोट पर सिमट गई।