लोहड़ी पर्व कानपुर में धूमधाम से मनाया गया। तिल, मूंगफली, रेवडी डालकर अग्नि की परिक्रमा की और इसके बाद बड़ों का आशीर्वाद लिया। ढोल के अलावा पंजाबी गीतों और डीजे पर जमकर लोग झूमें।
लोहड़ी मनाने के पीछे एक कहानी है। सुंदर और मुंदरिए नाम की दो बहनें थी। कुछ लोग उन्हें उठाकर जंगल में ले जाते है तो वहां पर दुल्ला भट्टी नाम के डाकू ने उनकी इज्जत बचाई। उनको लड़कियां मानकर जंगल में अग्नि जलाकर शादी कराई। गीत गाया सुंदर मुंदरिए तेरा कौन बेचारा दुल्ला भट्टी वाला दुल्ले धी बियाही। इसी क्रम में उप्र युवा सिख संगठन की ओर से हनुमान पार्क कौशलपुरी में लोहड़ी मनाई गई। इस मौके पर नरेंद्रजीत सिंह मिंटा, जसप्रीत सिंह, सरनदीप सिंह आदि ने संकल्प लिया कि बेटियों की रक्षा करेंगे। गैंजेज क्लब में चेयरमैन विजय कपूर ने
लोहड़ी जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद शुरू हुआ पंजाबी गीतों पर डांस जो लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। कानपुर क्लब में भी सदस्य डीजे में पंजाबी डांस का मजा लिया। -------------
पहली लोहड़ी होती है खास
शास्त्री नगर स्थित गुनीश के घर में लोहड़ी पर धमाल हुआ। बेटे की पहली लोहड़ी पर कार्यक्रम आयोजित कर सभी नाते रिश्तेदारों को बुलाकर पंजाबी डांस और सरसो का साग मक्के दी रोटी के साथ स्वाद लिया गया।