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चित्रकूट: टिड्डी दल का छह गांवों पर हमला, किसानों में मचा हड़कंप, खेतों-पेड़ों पर लाखों टिड्डियां

Thu, 11 Jun 2020 08:46 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
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टिड्डी दल का छह गांवों पर हमला - फोटो : amar ujala
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पाकिस्तान का टिड्डी दल लाखों की संख्या में बृहस्पतिवार को दोपहर प्रयागराज से चित्रकूट के मऊ क्षेत्र में पहुंचा। लपाव गांव, कोटराखंभा, मनका, छितैनी, परानुबाबा, गढ़वा, बरियारी, बाहरकोटरा पूर्व पताई गांव में लाखों की संख्या में मंडरा रहा, जिससे किसानों में हड़कंप मचा है। टिड्डियां दो दलों में गांवों में मंडरा रही हैं। कुछ खेतों की फसलों को भी नुकसान पहुंचाया है।
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झुंड का झुंड पेड़ों में बैठा हुआ हैं। दोपहर को प्रयागराज जिले से चित्रकूट जिले में टिड्डी के दो दल अलग-अलग दिशा से आए। मऊ क्षेत्र के लपाव गांव, कोटराखंभा, पूर्व पताई, गड़वा गांव के खेतों के ऊपर मंडरा रहा है। खेतों के पास लगे पेड़ में टिड्डी दल बैठा हुआ है। बरगढ़ क्षेत्र भी टिड्डी दल पहुंचा है।

सूचना पर कृषि रक्षा अधिकारी धर्मेंद्र अवस्थी, जिला कृषि अधिकारी वसंत दुबे, एसडीओ मऊ विमलेश कुमार, टीए राजेंद्र प्रसाद, रुद्रप्रताप आदि पहुुंचे और किसानों को जागरूक कर दल को खदेड़ने व मारने में जुटे हैं। अफसर टिड्डी दल को मारने के  लिए अपने साथ रसायन व अन्य सामग्री से लैस हैं। एसडीएम मऊ राजबहादुर सिंह व अन्य अधिकारी टिड्डी दल पर नजर बनाए हुए है।
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फायर ब्रिगेड के टैंकरों में रसायन भरकर तैयार कर लिया गया है, ताकि किसी खेत पर बैठने पर इनको मारा जा सके। उप कृषि निदेेशक टीपी शाही ने बताया कि टिड्डी दल तीन टुकड़ों में बंट गया है। एक दल चित्रकूट में है। दोपहर बाद तेज हवा उत्तर की ओर चलने के कारण दूसरा दल मध्यप्रदेश की सीमा रीवा की ओर रुख कर गया है। 
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खेतों-पेड़ों पर लाखों टिड्डियां - फोटो : amar ujala
तीसरा दल यमुना नदी की ओर से होता हुआ कौशांबी व फतेहपुर की ओर निकला है। इन जिलों को अलर्ट कर दिया गया है। टिड्डी दल के प्रकोप से फसल को बचाने के लिए जिले में टीम बनी हुई हैं। टीम में सीडीओ डॉ. महेंद्र कुमार, उप कृषि निदेशक टीपी शाही, जिला कृषि अधिकारी वसंत दुबे, जिला कृषि रक्षा अधिकारी धर्मेंद्र अवस्थी है। इनको टिड्डी दल से बचाव व फसलों के नुकसान की सुरक्षा उपाय के साथ रोकथाम की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं टिड्डियों को मारने को क्लोरोपाइरीफस रसायन को फायर ब्रिगेड के टैंकों में भरकर रखा गया है।

ढोल नगाडे़ और थाली बजा रहे किसान
टिड्डी दल के पहुंचने पर किसान घरों से निकले और मौके पर पहुंचकर ढोल नगाडे़, थालियां बजाना शुरू कर दिया। इसमें किसानों के परिवार के लोग शामिल रहे। एक सप्ताह पहले टिड्डी दल जिले सीमा के अंतर्गत मध्यप्रदेश के सतना में था। इसको लेकर यहां टिड्डी दल आने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन रीवा होते हुए मिर्जापुर जिले के लिए चला गया था। अब दो दलों में होकर पुन: चित्रकूट जिले में आ गया है।

दोपहर डेढ़ बजे टिड्डी दल प्रयागराज की सीमा से होते हुए चित्रकूट पहुंचा, जो मऊ क्षेत्र के चार गांवों में घूम रहा है। टिड्डियां पेड़ों पर भी बैठी हुई हैं। कोशिश है कि टिड्डियों को यही पर खत्म कर दिया जाए। संभव है कि टिड्डी दल रात को खेतों में बैठेगा। उसी दौरान रसायन के माध्यम से मार दिया जाएगा।
धर्मेंद्र अवस्थी, कृषि रक्षा अधिकारी

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