खेतों-पेड़ों पर लाखों टिड्डियां
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तीसरा दल यमुना नदी की ओर से होता हुआ कौशांबी व फतेहपुर की ओर निकला है। इन जिलों को अलर्ट कर दिया गया है। टिड्डी दल के प्रकोप से फसल को बचाने के लिए जिले में टीम बनी हुई हैं। टीम में सीडीओ डॉ. महेंद्र कुमार, उप कृषि निदेशक टीपी शाही, जिला कृषि अधिकारी वसंत दुबे, जिला कृषि रक्षा अधिकारी धर्मेंद्र अवस्थी है। इनको टिड्डी दल से बचाव व फसलों के नुकसान की सुरक्षा उपाय के साथ रोकथाम की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं टिड्डियों को मारने को क्लोरोपाइरीफस रसायन को फायर ब्रिगेड के टैंकों में भरकर रखा गया है।
ढोल नगाडे़ और थाली बजा रहे किसान
टिड्डी दल के पहुंचने पर किसान घरों से निकले और मौके पर पहुंचकर ढोल नगाडे़, थालियां बजाना शुरू कर दिया। इसमें किसानों के परिवार के लोग शामिल रहे। एक सप्ताह पहले टिड्डी दल जिले सीमा के अंतर्गत मध्यप्रदेश के सतना में था। इसको लेकर यहां टिड्डी दल आने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन रीवा होते हुए मिर्जापुर जिले के लिए चला गया था। अब दो दलों में होकर पुन: चित्रकूट जिले में आ गया है।
दोपहर डेढ़ बजे टिड्डी दल प्रयागराज की सीमा से होते हुए चित्रकूट पहुंचा, जो मऊ क्षेत्र के चार गांवों में घूम रहा है। टिड्डियां पेड़ों पर भी बैठी हुई हैं। कोशिश है कि टिड्डियों को यही पर खत्म कर दिया जाए। संभव है कि टिड्डी दल रात को खेतों में बैठेगा। उसी दौरान रसायन के माध्यम से मार दिया जाएगा।
धर्मेंद्र अवस्थी, कृषि रक्षा अधिकारी