फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेंट्रल बैंक लॉकर डकैती: 1.9 किलो सोना और 600 ग्राम चांदी से भरा लॉकर गायब, पीड़ित ने डीसीपी पूर्वी को दी तहरीर

Thu, 11 Aug 2022 07:36 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

कराचीखाना स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से एक बार फिर लॉकर डकैती का मामला सामने आया है। इस बाद बिस्कुट कारोबारी का पूरा लॉकर ही गायब हो गया है। पीड़ित ने बताया कि लॉकर में एक किलो 900 ग्राम सोना, 600 ग्राम चांदी और छह कैरेट डायमंड समेत अन्य सामान रखा था। बता दें कि यह वही बैंक शाखा है, जिसमें अप्रैल में 11 लॉकरधारकों के जेवर गायब हुए थे। 
विज्ञापन
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया कराचीखाना शाखा के एक ग्राहक ने शाखा से लॉकर गायब होने का आरोप लगाया है। इसमें मामले में गुरुवार को डीसीपी पूर्वी कार्यालय में जाकर तहरीर भी दी। इसमें बताया गया है कि इसमें उनका एक किलो नौ ग्राम सोना रखा था। इसकी कीमत एक करोड़ से ज्यादा है।

विज्ञापन

वहीं, बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक डीएन पांडेय का कहना है कि मामला दिखवाया जाएगा। शाखा प्रबंधक को इस संबंध में निर्देश दिए हैं। हालांकि 41 साल पहले आयकर विभाग ने इनका लॉकर सीज किया था। इनके पास कोई चाभी भी नही है। तिलक नगर निवासी बिस्कुट कारोबारी रमेश खन्ना ने बताया की उनका और उनकी दादी स्वर्गीय देवकी देवी का संयुक्त खाता सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया कराचीखाना शाखा में है। साथ में लॉकर भी है।

एकाउंट का नंबर 6249 है और लॉकर नंबर 391बी है। यह लॉकर लगभग 45 वर्ष से भी ज्यादा पुराना है। लॉकर में उनके परिवार का  लगभग एक किलो 900 ग्राम सोना, 600 ग्राम चांदी व लगभग 6 कैरेट डायमंड था। उन्होंने बताया कि अप्रैल महीने में कराचीखाना शाखा के 11 लॉकरों से गहने चोरी होने का मामला सामने आने के बाद वो 27 अप्रैल को बैंक गए, तो उन्हें जवाब मिलता है कि उनका लॉकर ही नहीं मिल रहा है।

कई बार संपर्क किया पर कोई जवाब नहीं दिया गया। 15 जून 2022 को  बैंक को पत्र लिखा। जिसका कोई जवाब बैंक ने नहीं दिया। 29 जून को फिर पत्र लिखा और अभी तक कोई जवाब नहीं मिला। वहीं उन्होंने गुरुवार को वो व्यापारी नेता अभिमन्यु गुप्ता के साथ डीसीपी पूर्वी के कार्यालय गए और तहरीर दी। एसएचओ फीलखाना ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।

15 साल से लॉकर ऑपरेट नहीं किया
 बता दें कि रमेश खन्ना के यहां 1981 में आयकर का छापा पड़ा था। इस दौरान आयकर अफसरों ने जांच-पड़ताल की थी। इनका लॉकर भी अटैच किया था। हालांकि बाद में मामला खत्म हो गया था। रमेश ने पिछले 18 साल से लॉकर तक ऑपरेट नहीं किया। बैंक अफसर खुद भी हैरत में हैं कि इतने साल लॉकर ऑपरेट नहीं किया। इनके पास लॉकर की चाभी भी नहीं है।
विज्ञापन

बैंक प्रबंधन ने ग्राहकों को दिए थे दो करोड़ 68 लाख
अप्रैल में बैंक की शाखा सुर्खियों में तब आई थी जब यहां पर एक के बाद एक 11 लॉकरों को तोड़कर कई करोड़ के गहने चोरी कर लिए गए थे। इस मामले में पुलिस ने शाखा प्रबंधक राम प्रसाद और लॉकर इंचार्ज शुभम मालवीय समेत सात को गिरफ्तार किया था। बैंक प्रबंधन ने दोनों को निलिंबत कर दिया था। साथ ही पूरे मामले को विशेष मामला मानते हुए सभी ग्राहकों दो करोड़ 68 लाख की धनराशि का चेक दिया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें