फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खरीद फरोख्त की अंधी दौड़ खींच रही मौत की ओर, आधी रात में सज रही सब्जी मंडी, संक्रमण काल में विचलित करतीं ये तस्वीरें

Mon, 04 May 2020 09:21 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 5
कानपुर में लॉकडाउन की उड़ रहीं धज्जियां - फोटो : अमर उजाला
लॉकडाउन में सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के मद्देनजर पुलिस ने नवाबगंज में जागेश्वर मंदिर के पास की सब्जी को हटवाकर मैनावती मार्ग स्थित आम्रपाली विहार में अस्थायी रूप से शिफ्ट करा दिया है। बुधवार को मंडी में रात नौ बजे से सुबह तीन बजे तक भीड़भाड़ रही। यहां सोशल डिस्टेंसिंग की खुलेआम धज्जियां उड़ती रहीं। न ही किसी ने मास्क बांधा और न ही रुमाल। इस मंडी में आसपास के गांवों, बैराज व कटरी के किसान सब्जी बेचने पहुंचे थे।
विज्ञापन

2 of 5
कानपुर में लॉकडाउन की उड़ रहीं धज्जियां - फोटो : अमर उजाला
इन किसानों से बड़ी संख्या में ठेले वाले सब्जी खरीदने पहुंचे। मंडी में कई लोडर, ईरिक्शा, ऑटो और ठेले वाले भी पहुंचे थे। किसी ने भी मास्क और रूमाल नहीं बांधा था। सब्जी विक्रेताओं ने बताया कि दुकानें रात नौ बजे से लगनी थी लेकिन छह बजे से ही थोक दुकानदार और किसान मंडीपहुंच गए।

 
विज्ञापन

3 of 5
कानपुर में लॉकडाउन की उड़ रहीं धज्जियां - फोटो : अमर उजाला
मंडी के आसपास चाय की दुकानें लगी हुई हैं। यहां पर भी भीड़ जमा है। यहां गेट पर पुलिसकर्मी पहरा दे रहे थे। किसी को भी सोशल डिस्टेंसिंग की कोई भी फिक्र नहीं थी। अगर यहां से संक्रमण फैला तो कई लोग चपेट में आ जाएंगे। मंडी में पुलिस भी मौजूद रही। पुलिस वालों के हटते ही दुकानों पर मजमा लग गया।
 

4 of 5
कानपुर में लॉकडाउन की उड़ रहीं धज्जियां - फोटो : अमर उजाला

सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए तीन मीटर की दूरी पर दुकानें चिह्नित की गई हैं। सभी दुकानों को एक दायरे में सीमित कर रस्सी लगवा दी गई है जिससे कोई भी दुकानदार रस्सी के बाहर दुकान न लगा। मंडी में चौकी इंचार्ज, 10 सिपाहियों और सिविल डिफेंस के लोगों को तैनात कर रखा है। शुक्रवार रात से 12 से 5 बजे तक मंडी लगेगी। - रमाकांत पचौरी, एसो नवाबगंज थाना

विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
कानपुर में लॉकडाउन की उड़ रहीं धज्जियां - फोटो : अमर उजाला
किसान और ग्राहक बोले

मंडी लगने का समय बदलता रहता है। गांव में किसानों से सब्जी खरीद लाता हूं। इसके बाद मंडी में फुटकर दुकानदारों को बेचता हूं। मंडी में समय पर न पहुंचने पर ज्यादा सब्जी भी नहीं बिक पाती है। - विजय कुमार, दुकानदार

कद्दू और लौकी बेचने आया हूं। थोक दुकानदार खरीदारी करते हैं इसलिए 8 बजे आ गया था। अगर देरी से आता हूं तो सब्जी बेचना भी मुश्किल हो जाता है। फिर सब्जी वापस ले जानी पड़ती है। लागत भर के पैसे निकालना भी मुश्किल हो रहा है।
- रामजीवन, किसान

बाजार में अपेक्षा से ज्यादा सब्जी आ रही है। बाहर सब्जी नहीं जा पा रही है। इस कारण भाव भी सही नहीं मिल पा रहे हैं। जो थोक व्यापारी हैं बहुत सस्ते दामों में खरीदारी कर रहे हैं। ज्यादा सब्जी लाने पर वापस ले जाना पड़ रहा है। - नरेश, किसान

सब्जी खरीदने आया हूं। लोग सोशल डिस्टेंस का कोई पालन नहीं कर रहे हैं। ज्यादातर दुकानदार मुंह में मास्क भी नहीं लगाए हैं । पुलिस की बात भी नहीं मान रहे हैं। जल्दी खरीदारी के चक्कर में भीड़ लग रही है। - राज गौतम, विनायकपुर, ग्राहक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें