कानपुर में औद्योगिक इकाइयों के संचालन की अनुमति मिलने से हफ्ते भर में करीब दो लाख श्रमिक और कर्मचारी काम पर लौट आएंगे। फिलहाल 50 हजार से अधिक कर्मचारी व श्रमिक विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में काम कर रहे हैं। 17 मई को जब लॉकडाउन खत्म होगा तो करीब ढाई लाख लोग औद्योगिक क्षेत्रों में काम कर रहे होंगे। करीब डेढ़ महीने से जारी लॉकडाउन के बीच यह राहत भरी खबर है।
प्रदेश सरकार ने चमड़ा छोड़कर सभी तरह की औद्योगिक इकाइयों को चलने की सशर्त मंजूरी दी है। हफ्ते भर में सभी औद्योगिक इकाइयां चालू हो जाएंगी। इन इकाइयों के चलने से फिलहाल शहर में ही खाली बैठे कामगारों के सामने से रोजगार का संकट खत्म होगा। हालांकि सभी औद्योगिक इकाइयां 50 फीसदी से ज्यादा कामगारों से काम नहीं ले सकेंगी।
शुरुआत में 25 से 35 फीसदी कर्मचारियों से ही काम चलाना पड़ेगा। औद्योगिक संगठनों के आंकड़ों के मुताबिक शहरी क्षेत्र में आती छोटी बड़ी सभी औद्योगिक इकाइयों की संख्या 20 हजार से अधिक है। प्रत्येक इकाई में 10 से लेकर एक हजार कर्मचारी तक काम करते हैं। जिले के करीब आठ लाख लोग इनमें रोजगार पाते हैं।
इनमें से करीब दो लाख लोग टेनरियों और चमड़ा कारोबार के जरिये रोजगार पाते हैं। करीब दो लाख श्रमिक बाहरी राज्यों के होते हैं। फैक्ट्रियां संचालित होने से सबसे अधिक लाभ शहर के लोगों को ही मिलेगा। बावजूद इसके जब तक 100 प्रतिशत श्रमिकों के साथ उत्पादन चालू नहीं होता, तब तक पांच से छह लाख लोगों के हाथ से काम छिना रहेगा।