कानपुर- लॉकडाउन ने गोविंद नगर निवासी अनीशा अरोड़ा और लाजपत नगर निवासी सुमित आहूजा की धूमधाम से होने वाली शादी का सपना तोड़ दिया। गुरुद्वारे में 17 अप्रैल को 10 लोगों की उपस्थिति में दोनों ने फेरे लिए। कुछ प्रमुख रस्में घर में बेहद साधारण तरह से हुईं।
अनीशा के परिवार की मन्नत की वजह से शादी गुरुद्वारे में हुई। अनीशा कहती हैं कि जब गुरुद्वारे में अरदास कर शादी की तिथि फाइनल कर देते हैं तो टाल नहीं सकते। कोलकाता से डिजाइनर लहंगा न आ पाने पर यहीं से लेना पड़ा। 550 लोगों को निमंत्रण पत्र गए थे। अनीशा कहती हैं कि शादी के लिए 15 लोगों की परमीशन मांगी थी, लेकिन 10 लोगों की ही मिली।
सुमित के माता-पिता और एक दो रिश्तेदार और अनीशा के माता-पिता और भाई ही शादी में शामिल हो पाए। अनीशा कहती हैं कि मेरी ज्वाइंट फैमिली है, 12 लोगों का परिवार है, सभी भाइयों के बीच अकेली बहन हूं। सबके बहुत अरमान थे, सब धरे के धरे रह गए।
आठ बजे शादी, 11 बजे ससुराल
अनीशा कहती हैं कि शादी की प्रमुख रस्में सुबह पांच बजे शुरू हुईं। पंजाबी रीति रिवाजों में चूड़ा चढ़ाने की रस्म होती है। इसमें लड़की के मामा और मामी चूड़ा पहनाते हैं, यह रस्म शादी वाले दिन ही होती है। मामा ने घर पहुंचकर रस्म अदा की। आठ बजे शादी और 11 बजे ससुराल पहुंच गई। लॉकडाउन के बाद धमाकेेदार पार्टी होगी।