कानपुर। लॉकडाउन में काम चौपट हुआ तो एक-एक पैसे को मोहताज हो गए। भगवान के भरोसे छोटे बच्चे को गोद में लेकर राजस्थान से प्रयागराज के लिए पैदल चल दिए। रास्ते में एक ट्रक वाले ने तरस खाकर बैठा लिया। बच्चा दूध के लिए बिलखा तो सहा नहीं गया। उसी ट्रक वाले को 300 रुपये में मोबाइल बेचकर दूध का इंतजाम किया। यह दर्द है राहुल का। वह पत्नी अंतिमा और बच्चे का साथ शनिवार को यशोदानगर बाईपास पहुंचा।
राहुल ने बताया कि वह राजस्थान में गमछा बनाने वाले फैक्ट्री में काम करते थे। परिवार के साथ किराये का कमरा लेकर गुजर बसर कर रहे थे। लॉकडाउन के बाद मालिक ने पैसा देना बंद किया। जमा पूंजी खत्म होने पर घर का सामान बेचा। सबकुछ खत्म होने पर प्रयागराज स्थित घर जाने के लिए पैदल ही निकल पड़े। बच्चे को गोद में उठा कर गांव के अन्य साथियों अखिलेश, रामफल के साथ पैदल निकल पड़े। शनिवार को तपती दोपहर में वह कानपुर पहुंचे। यहां से पैदल ही प्रयागराज के लिए बढ़ गए।