घाटमपुर (कानपुर)। लॉकडाउन के दौरान गोविंद नगर (कानपुर) में फंसे महोबा के दो-तीन परिवार सवारी का कोई साधन न मिलने पैदल ही रवाना हो गए। शुक्रवार सुबह वह घाटमपुर पहुंचे। उनके साथ छोटे-छोटे बच्चे और महिलाएं थीं। सिर और पीठ पर गठरी लादे पैदल ही सफर करने को विवश थे।
जत्थे में शामिल युवकों बृजेश अजय, दिलीप और जीतेंद्र ने बताया कि वह लोग कानपुर में किराये के मकानों में ईंट-गारा का काम करते थे। लाकडाउन के दौरान काम बंद हो गया।
घर पर बैठकर खाने से सारी जमापूंजी खत्म हो गई। बताया कि जब भूखे पेट सोने और बच्चों के निवालों के लाले पड़ गए तो वह लोग पैदल ही घर जाने के निकल पड़े हैं। बुजुर्ग महिला अखिलेश्वरी ने बताया कि सभी लोग गोविंदनगर (कानपुर) से भोर पहर 3 बजे रवाना हुए थे। कोई सवारी साधन न मिलने से पैदल ही जा रहे हैं।