छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी से संबंधित लॉ कॉलेजों की सेमेस्टर परीक्षाओं में सामूहिक नकल पकड़ी गई है। इसकी रिपोर्ट उड़नदस्तों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को दी है। परीक्षा केंद्रों से नकल सामग्री और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। नकल पकड़ने वाली टीम और कॉलेज प्रबंधन के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मारपीट की नौबत आई लेकिन उड़नदस्तों ने किसी तरह मामला सुलझा लिया।
एलएलबी की सेमेस्टर परीक्षाएं दो जुलाई से शुरू हुई हैं। इसे लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पांच उड़नदस्ते गठित किए हैं। ये उड़नदस्ते दो और तीन जुलाई को अलग-अलग जिलों में छापेमारी करने गए। फर्रुखाबाद, फतेहपुर, कन्नौज, इटावा, औरैया, कानपुर देहात, इलाहाबाद, कौशांबी, सीतापुर, उन्नाव, हरदोई, रायबरेली, कानपुर और लखीमपुरी खीरी में हुई छापेमारी के दौरान सामूहिक नकल पकड़ी गई है।
उड़नदस्तों ने जो रिपोर्ट दी है, उसके मुताबिक कॉलेजों में बोल बोलकर नकल कराई जा रही है। यही वजह है कि उड़नदस्तों ने छापेमारी और नकल पकड़ने का तरीका बदल दिया है। अब उड़नदस्ता जिस कॉलेज में जा रहा है, वहां तीन घंटे तक बैठकर पेपर करा रहा है। इससे नकल कराने वालों की कमर टूट जा रही है। अच्छा रिजल्ट देने का गणित बिगड़ रहा है।
इसी सिलसिले में कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन ने शुक्रवार को उड़नदस्ता के सदस्यों के साथ मीटिंग भी की। कुलपति ने कहा कि सामूहिक नकल कराने वाले कॉलेजों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। नकल कराने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। जो कॉलेज नकल कराते पकड़े जाएंगे, उनके रिजल्ट रोके जाएंगे।
साथ ही पूरे मामले की जांच अनफेयर मींस (यूएफएम) कमेटी से कराई जाएगी। जुर्माना वसूलने और कॉलेज को काली सूची में डालने की कार्रवाई भी होगी। उड़नदस्तों ने नकल की जो भी रिपोर्ट दी है, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।