बीहड़ी क्षेत्र के आसपास करीब दो सैकड़ा गांवों में आलू, शकरकंद व अरहर की फसल होती है। जानवरों से फसल बचाने के लिए यहां के किसान सर्दी में खेतों में रात काटने को मजबूर हैं। सर्दी व जंगली जानवरों के हमले से इनकी जान पर बन आई है। हाल ही में नील गाय की टक्कर से घायल एक किसान की मौत भी हो चुकी है।
औरैया के अयाना क्षेत्र के करीब एक सैकड़ा से अधिक गांवों में चंबल के जानवरों का आतंक है। नील गाय और जंगली सुअर आलू, शकरकंद व अरहर की फसलों को तबाह कर रहे हैं। इससे किसानाें को तगड़ा नुकसान होता है। फसल बचाने के लिए किसान सर्द रातों में खेतों की रखवाली कर रहे हैं।
इन्होंने खेतों पर झोपड़ियां बना ली हैं। कभी-कभी जंगली सुअर और वन गाय के झुंड खेतों के साथ ही किसानों पर भी हमला बोल देते हैं। किसान महाराज सिंह, शिवराज, रविंद्र , दीपक, अरविंद सेंगर, संतोष, सोनेलाल आदि ने बताया कि किसान कई बार इन जानवरों के हमले से गंभीर घायल हो चुके हैं। इन्होंने अधिकारियों से समस्या के निदान की मांग की है।