इन जगहों पर हो रहा इस्तेमाल
डॉ. कंबो ने बताया कि नैनो तकनीक का इस्तेमाल होने की वजह से इस लिक्विड की बेहद कम मात्रा में अधिक फायदा होगा। घर की सफाई में फिनायल के स्थान पर, अस्पताल में डॉक्टर के लिए, बच्चों को मच्छर से बचाने, कपड़े धोने के दौरान इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी खास बात है कि इसमें किसी भी प्रकार के केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया गया है। इसकी टेस्टिंग यूपीटीटीआई और पुणे में हुई है। हालांकि एक बार इस्तेमाल में इसका असर कितनी देर तक रहेगा, इस पर रिसर्च चल रही है।
कपड़े पर नैनो इमल्शन की कोटिंग की तैयारी
डॉ. नीलू ने कहा कि कपड़ों पर इस लिक्विड की कोटिंग की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस इमल्शन की अगर कोटिंग कपड़ों पर हो जाए तो बैक्टीरिया नहीं पनपेंगे और पसीने की बदबू से छुटकारा मिलेगा। केमिकल फ्री होने के साथ इसे बजट फ्रेंडली भी बनाया जा रहा है।
अंगूर के बीज से भी बनाया जा रहा इमल्शन
डॉ. नीलू ने बताया कि अंगूर के बीज का इस्तेमाल करके भी ऐसा ही इमल्शन तैयार किया गया है। इसके पेटेंट के लिए भी आवेदन किया गया है। जल्द पेटेंट मिलने की उम्मीद है।