झींझक। रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार झींझक स्टेशन पर आने की जानकारी पर भाभी सहित अन्य परिवारीजनों में काफी खुशी हैं। वह लल्ला (राष्ट्रपति) से मिलने के लिए उत्साहित हैं। राष्ट्रपति की भाभी विद्यावती कहती हैं कि उनके लल्ला पहले जैसे ही हैं। राष्ट्रपति बनकर भी सभी को उतना ही सम्मान देते हैं।
डेरापुर तहसील क्षेत्र के परौंख गांव में जन्मे रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति बनने पर आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने उनकी बड़ी भाभी विद्यावती, भतीजी कमलेश कोविंद, हेमलता कोविंद, अनीता, मंजू लता, दामाद आलोक, रामकिशोर, पौत्र अनुराग वर्मा आदि भी पहुंचे थे। उन्होंने शपथ के बाद राष्ट्रपति भवन में मंदिर आदि जगहों को देखा था।
राष्ट्रपति की बड़ी भाभी विद्यावती ने बताया कि शपथ ग्रहण के बाद उनके पुत्र समान देवर जिन्हें वह लल्ला कहकर बुलाती हैं, जब वह बग्गी से घूम रहे थे तो बहुत खुशी महसूस हुई थी। शपथ ग्रहण के बाद राष्ट्रपति से बातचीत में उन्होंने उस क्षण को जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया था। इसके बाद लल्ला ने मुझे आगे चलने को कहा और खुद पीछे चलने लगे।
उन्होंने कहा कि भाभी आपके ही आशीर्वाद से आज मैं यहां हूं। लल्ला में कोई बदलाव नहीं दिखा। वह जैसा पहले सम्मान देते थे, वैसे ही अब भी देते हैं। समारोह के समय सभी राष्ट्रपति भवन में बने विष्णु भगवान व राम जानकी मंदिर में दर्शन करने भी गए थे।
विद्यावती ने बताया कि राष्ट्रपति बनने के बाद से लल्ला से तीन बार मुलाकात हुई। राष्ट्रपति भवन में देवरानी सविता, भतीजे प्रशांत, भतीजी स्वाती, देवर रामस्वरूप भारतीय ने खूब स्नेह दिया। अब परौंख आने पर पुरानी यादें फिर से ताजा होंगी।
राष्ट्रपति की सलामती को भाभी ने किया पूजन
झींझक। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की भाभी विद्यावती लल्ला को विपत्ति से बचाने के लिए पिछले कई सालों से सुंदरकांड का पाठ कराती है। बीते दिनों राष्ट्रपति के अस्वस्थ होने के चलते पूजा भी कराई थी। अब राष्ट्रपति के पैतृक गांव आगमन से पूर्व भी उनकी सलामती के लिए भी उन्होंने पूजा की है। विद्यावती बताती हैं कि लल्ला हमेशा स्वस्थ रहें और उनका कार्यक्रम सही से संपन्न हो, इसलिए पूजा करते हैं।
पौधों की 17 प्रजातियों के लगेंगे तीन सौ गमले
झींझक। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को बचपन से पर्यावरण से काफी लगाव रहा है। वह पौधे लगाने में बहुत ही लगाव रखते हैं। गांव में रहने के दौरान उन्होंने कई पौध लगाए। राजनीति में आने के बाद भी पौधरोपण में विशेष लगाव रहा।
उनकी पसंद को देखते हुए अधिकारी कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। राष्ट्रपति के कार्यक्रम को देखते हुए चंपा, चांदनी, रातरानी समेत 17 प्रजातियों के पौध करीब तीन सौ गमलों में मंगाए गए है। जिन्हें कार्यक्रम स्थल के आसपास लगाया जाएगा।
प्लेटफार्म से 25 फीट दूर कराया वाटर प्रूफ पांडाल
झींझक। रेलवे स्टेशन पर राष्ट्रपति का कार्यक्रम होने के चलते बुधवार को रेलवे के सहायक मंडल प्रबंधक अतुल गुप्त व एसपी केशव कुमार चौधरी ने इंटेलीजेंस अधिकारियों के साथ स्टेशन का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने राष्ट्रपति की ट्रेन रुकने वाले स्थान और बाद में प्रतीक्षालय में लोगों से मिलने वाली जगह की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। प्लेटफार्म के नीचे लग रहे वाटर प्रूफ टेंट को खुलवाकर 25 फीट पीछे करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने राष्ट्रपति से मिलने वालों की संख्या के बारे में जानकारी ली और सीएचसी पहुंचकर आपातकालीन सुविधाओं को जांचा। डाक्टरों से भी जानकारी ली गई। इस दौरान एसपी जीआरपी सिद्धार्थ शंकर मीणा, सहायक सुरक्षा आयुक्त कानपुर अजय कुमार राय, इंस्पेक्टर आरपीएफ फफूंद दिनेश कुमार आदि मौजूद रहे।
राष्ट्रपति से मिलने वालों के लिए सैंपल
झींझक। राष्ट्रपति से मिलने वालों के लिए कोविड गाइडलाइन का पालन अनिवार्य किया गया है। ऐसे मेें बुधवार को स्वास्थ्य टीम ने राष्ट्रपति के परिजनों की कोरोना जांच के लिए घर में जाकर सैंपल लिए। वहीं झींझक स्टेशन पर मिलने वाले 38 लोगों की सीएचसी में आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल लिए गए। वहीं स्टेशन पर रंगरोगन, प्लास्टर, लाइट आदि का काम जोरों पर रहा। अधिकारी झींझक स्टेशन को चमकाने में पूरी ताकत झोंके हुए हैं।