कानपुर देहात। सचेत ऐप पर ऑरेंज अलर्ट के बाद मौसम बदल गया। करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चली। इसके बाद गरज-चमक साथ हल्की बारिश हुई। इस दौरान अकबरपुर, रूरा, बनीपारा, कहिंजरी, बारा, मिंडाकुआ, रसूलाबाद नगर व रसूलाबाद ग्रामीण समेत 10 उपकेंद्र ठप हो गए। करीब 50 हजार कनेक्शनों की बिजली लगभग दो घंटे गुल रही। इससे ढाई लाख की आबादी परेशान रही।
मौसम वैज्ञानिकों ने तेज हवाएं चलने और गरज चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई थी। इधर शुक्रवार दोपहर में अधिकतम तापमान 41.7 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से अधिक रहा। इससे उमस भरी गर्मी रही। करीब दो बजे सचेत ऐप पर आरेंज अलर्ट जारी हुआ। कुछ देर में ही इसका असर नजर आया। आसमान में बादल छा गए। पहले धूल भरी आंधी चली। इससे राहगीरों को काफी परेशानी हुई।
कई राहगीरों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। जबकि 10 उपकेंद्र ठप हो गए। पंखे-कूलर बंद होने से घरों में लोगों को परेशानी हुई। इधर रसूलाबाद, बनीपारा, कहिंजरी, जोत, रूरा और अकबरपुर समेत कई क्षेत्रों में गरज चमक के साथ हल्की बारिश हुई। उमस भरी गर्मी से कुछ राहत मिली। वहीं मोहर्रम पर निकाले जाने वाले ताजिया जुलूस में भी कुछ समय के लिए व्यवधान हुआ। बारिश थमने के बाद ताजिये निर्धारित रूट पर निकले। जिन स्थानों पर बारिश ठीक हुई है वहां धान की पौध को संजीवनी मिली है।
कहिंजरी निवासी पप्पू तिवारी, नरेश दीक्षित, राम आसरे, रामकृष्ण और ओमप्रकाश ने बताया कि धान की पौध खेतों में तैयार हो रही है। बारिश होने से नमी मिल गई है। सीएसए के कृषि तकनीकी अधिकारी डॉ. अजय मिश्र ने बताया कि आगामी चार दिनों में आसमान में हल्के बादल छाए रहने और गरज चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बूंदाबांदी की संभावना है। अधीक्षण अभियंता विद्युत सुमित व्यास ने बताया कि आंधी की वजह से कई उपकेंद्रों की बिजली एहतियातन बंद रही। आंधी थमने पर बिजली आपूर्ति बहाल करा दी गई।