कोर्ट ने दोषियों पर 25- 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
आरोपपत्र दाखिल होने के 42 दिन के बाद कोर्ट ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर 12 अशोक कुमार दुबे ने सैंफई थाना क्षेत्र के गांव गोबेपुरा में जमीन के विवाद में सिपाही की हत्या के मामले में आरोपपत्र दाखिल होने के 42 दिन बाद साक्ष्यों के आधार पर आरोपी ताऊ उसके पुत्र व नाती को दोषी पाया।
कोर्ट ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा कोर्ट ने तीनों पर 25- 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें एक-एक साल का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि सैंफई थाना क्षेत्र के गांव गोबेपुरा में छुट्टी पर घर आए मथुरा में तैनात प्रधान आरक्षी अनिल कुमार यादव की एक मार्च 2024 की रात को ट्यूबवेल पर सोते समय फावड़ा खुरपी व दरांती मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस संबंध में मृतक के भाई नीरज कुमार ने अपने सगे ताऊ दर्शन सिंह पुत्र राम चरन, उनके पुत्र ओमपाल व नाती अभिषेक यादव के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। जिसमें आरोप लगाया गया था कि उसका भाई अनिल कुमार यादव एक मार्च को छुट्टी पर घर आया था।
शाम को खाना खाने के बाद वह सोने के लिए ट्यूबवेल पर चला गया, तभी रात को सोते समय हत्या कर दी । तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। बाद में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। छानबीन के बाद पुलिस ने 18 अप्रैल 2024 को दर्शन सिंह , ओम पाल व अभिषेक यादव के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल कर दिए।
मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर 12 में हुई । अपर जिला शासकीय अधिवक्ता ने अभियोजन की ओर से पैरवी की। उनकी ओर से पेश किए गए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने दर्शन सिंह, ओम पाल व अभिषेक यादव को दोषी पाया। दोषी पाए जाने पर कोर्ट ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा कोर्ट ने तीनों पर 25 – 25 हजार रूपया का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें एक एक साल का अतिरिक्त कारावास भोगना पडेगा।