लहूलुहान हालत में छोड़कर भाग निकले थे आरोपी
गाली-गलौज करते हुए चारों ने अभिषेक को पकड़ लिया और सीटू ने अभिषेक को गोली मार दी। लहूलुहान हालत में अभिषेक को छोडक़र सभी भाग निकले थे।अभिषेक को रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। मृतक के पिता अशोक कुमार सिंह चौहान ने कल्याणपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पिता समेत 13 गवाह कोर्ट में पेश किए गए
डीजीसी दिलीप अवस्थी व एडीजीसी अरविंद डिमरी ने बताया कि सीटू, शंटी, अन्नू और अंकुर के खिलाफ बलवा और हत्या के मामले में चार्जशीट कोर्ट भेजी गई थी। गवाहों के बयान पर अभियोजन की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर कोर्ट ने अमर सक्सेना को भी तलब कर लिया था। अभियोजन की ओर से मृतक के पिता समेत 13 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने सीटू, शंटी और अंकुर को दोषी मानकर सजा सुनाई। अमर सक्सेना की फाइल अलग चल रही है, जबकि अन्नू की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है।
दोषियों को वकील व विधि छात्र बताकर सजा में रहम की दी दुहाई
एडीजीसी अरविंद डिमरी ने बताया कि हत्या के बाद सीटू ने कानून की पढ़ाई की और वकील बन गया था जबकि सहअभियुक्त शंटी और अंकुर कानून की पढ़ाई कर रहे हैं। बचाव पक्ष की ओर से दोषियों के वकील और विधि छात्र होने की बात कहते हुए और उनके भविष्य की दुहाई देते हुए सजा में रहम की मांग की गई थी लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।