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Kanpur News: महिला से दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद की सजा

Thu, 22 Feb 2024 11:19 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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कानपुर देहात। दुष्कर्म के मामले की सुनवाई विशेष न्यायालय एससी / एसटी एक्ट रजत सिन्हा की अदालत में चल रही थी। गुरुवार को अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर अर्थदंड भी लगाया है।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता आशीष कुमार तिवारी ने बताया कि साढ़ क्षेत्र के एक गांव निवासी अनुसूचित जाति की महिला ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 14 अगस्त 2020 की शाम वह खेतों की ओर से शौच क्रिया करके घर की ओर वापस लौट रही थी। तभी गांव के रहने वाले हलीम ने उसे रास्ते में दबोच लिया और अपने गमछे से उसका मुंह बंद कर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। किसी तरह पकड़ ढीली होने पर उसके शोर मचाने पर आवाज सुनकर उसकी ननद दौड़ कर मौके पर आई। इस पर हलीम ने किसी को बताने पर जान से मार देने की धमकी देते हुए भाग गया। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी हलीम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। साथ ही मामले की विवेचना करके उसके खिलाफ आरोप पत्र अदालत में पेश किए थे। मामले की सुनवाई विशेष न्यायालय एससी/एसटी एक्ट रजत सिन्हा की अदालत में चल रही थी। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए सोमवार को आरोपी को दोषी ठहराया था। गुरुवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उसपर बीस हजार रुपये अर्थ दंड भी लगाया है। वहीं अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को दिए जाने के आदेश दिए हैं।
इनसेट

अभियोजन ने पेश किए थे छह गवाह

सहायक शासकीय अधिवक्ता आशीष कुमार तिवारी ने बताया कि मामले की सुनवाई दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाहों को अदालत में पेश कर उनकी गवाही कराई गई थी जिन्होंने अभियोजन प्रपत्रों को अदालत में साबित किया था।
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पीड़िता का बयान बना सजा का आधार

सहायक शासकीय अधिवक्ता आशीष कुमार तिवारी के अनुसार मामले में पीड़िता के बयान बेहद अहम रहा। अदालत में अपने बयानों में दोषी के वहशीपन की कहानी बयां की थी। वहीं बचाव पक्ष की जिरह दौरान किए गए सवालों से वह लड़खड़ाई नहीं और अपने साथ हुई घटना को साबित किया। वहीं उसकी ननद ने अदालत में पीड़िता के बयान का समर्थन किया था, जो दोषी को सजा दिलाने का मुख्य आधार बना।
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