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चित्रकूट: हत्या में चार सगे भाइयों समेत पांच को आजीवन कारावास, दोषियों पर 24-24 हजार रुपयों का जुर्माना भी लगाया

Fri, 11 Dec 2020 12:46 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
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सांकेतिक तस्वीर
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चित्रकूट जिले में हत्या के मामले में आरोपियों पर दोष सिद्ध होने पर गुरुवार को जिला जज ने चार सगे भाइयों समेत पांच लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 24-24 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दोषियों ने आठ साल पहले पहाड़ी थाना क्षेत्र में एक युवक की लाठियों से पीटकर हत्या कर दी थी।
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जिला शासकीय अधिवक्ता श्यामसुंदर मिश्रा ने बताया कि पहाड़ी थाना क्षेत्र के कहेटा गांव के निवासी सुमेर सिंह पुत्र लाल सिंह ने सात फरवरी 2012 की रात करीब साढ़े दस बजे थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसके बुआ के लड़के वीर सिंह को कहेटा गांव के संवल सिंह, मान सिंह, मंगल सिंह, सुमेर सिंह पुत्र केदार सिंह व लल्लू कहार पुत्र बलका घर के बाहर से जबरन पकड़कर ले गए हैं।

इसके बाद उन लोगों ने अपने घर के पास वीर सिंह को लाठी-डंडों से पीटकर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय के जिला जज रामपाल सिंह ने गुरुवार को अपना फैसला सुनाया।
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उन्होंने आरोपियों कहेटा निवासी संवल सिंह, मान सिंह, मंगल सिंह, सुमेर सिंह पुत्र केदार सिंह और लल्लू कहार पुत्र बलका के खिलाफ दोष सिद्ध होने पर उनको आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही सभी पर 24-24 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने मृतक वीर सिंह के कानूनी वारिसों को एक लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है।

क्या था मामला
वीर सिंह बांदा जिले के कमासिन थाने के रानीपुर गांव का मूल निवासी था। घटना के सात-आठ साल पहले कहेटा निवासी मामा की मृत्यु हो जाने के चलते वीर सिंह उनके बच्चों की देखभाल के लिए कहेटा गांव में रहने लगा था। वह भी अपने पिता की इकलौती संतान था।

दोषियों ने घटना के पूर्व कहेटा गांव में हुई एक चोरी के मामले में वीर सिंह को फंसाने का प्रयास किया था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में रंजिश चल रही थी। रंजिश के चलते ही सात फरवरी 2012 को दोषियों ने वीर सिंह को लाठी-डंडों से जमकर मारा था। इसी के चलते मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी।
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