महिलाओं को इटावा जेल लेकर जाने वाले कैदी वाहन को घेरे पछैया बस्ती की महिलाएं
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लंबे समय से मिलावटी शराब बनाने व बेचने के लिए कुख्यात पछैया बस्ती की दो महिलाओं केला देवी व गीता देवी को 10 वर्ष पुराने मामले में अपर जिला जज एवं न्यायाधीश (एडीजे) फास्ट ट्रैक रामनेत ने आजीवन कारावास व 15-15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
दोनों पर खतरनाक पदार्थ की मिलावट कर शराब बनाने पर आईपीसी की धारा 372 का मामला सिद्ध होने पर यह कठोर सजा दी गई। अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मुकेश कुमार पोरवाल ने बताया कि 18 सितंबर 2010 को पुलिस ने पछैया टोला (बनारसीदास) में छापा मारकर यहां रहने वाली दो महिलाओं केला देवी, गीता देवी को शराब की भट्ठी के साथ गिरफ्तार किया था।
इन्होंने बताया कि नशा बढ़ाने के लिए बबूल की छाल व यूरिया खाद का मिश्रण करके कच्ची शराब तैयार की जाती है। बरामद शराब की विधि विज्ञान प्रयोगशाला, आगरा की जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट हुआ कि शराब में यूरिया जैसे खतरनाक पदार्थ मिलाए गए।
इसका सेवन करने से स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्परिणाम हो सकते हैं। यह अपराध समाज के विरुद्ध अत्यंत गंभीर व घातक प्रकृति का है। दोनों आरोपी महिलाओं के खिलाफ मामले में मुकेश ने बहस की। एडीजे (फास्ट ट्रैक) रामनेत ने केला देवी व गीता देवी को सजा सुनाई। तीसरे आरोपी किशोर की पत्रावली अलग करके किशोर न्याय बोर्ड भेजी गई है। आबकारी की अन्य धाराओं में तीन-तीन साल का कारावास भी सुनाया गया। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
टोला के लोगों ने किया विरोध
मिलावटी शराब के मामले में महिलाओं को पहली बार आजीवन कारावास जैसी कठोर सजा सुनाए जाने के बाद शराब के अवैध कारोबारियों में हड़कंप देखा गया। सजा के बाद पछैया टोला की सैकड़ों महिलाओं और लोगों ने कचहरी के बाहर रोष व्यक्त किया। इन्होंने सड़क पर एकत्रित होकर महिलाओं के ले जा रहे कैदी वाहन को घेर लिया। पुलिस वालों ने आक्रोशित भीड़ को समझाकर कैदी वाहन को जिला कारागार इटावा के लिए रवाना कराया।