उन्नाव जिले के बिहार थाना क्षेत्र में 6 वर्षीय बच्चे के अपहरण मामले में नामजद पांचों आरोपियों का विधि विज्ञानप्रयोगशाला में लाईडिटेक्टर टेस्ट किया गया। सोमवार को एक ही महिला का लाई डिटेक्टर टेस्ट हो पाया था। मंगलवार को चार अन्य आरोपियों को लाईडिटेक्टर टेस्ट के लिए जेल से विधि विज्ञानप्रयोगशाला लखनऊ ले जाया गया।
टेस्ट के बाद सभी को बिहार पुलिस ने जेल पहुंचाया है। बिहार थाना क्षेत्र के एक गांव में 2 अक्तूबर को 4 वर्षीय बच्चा रहस्यम हालात में लापता हो गया था। बच्चे की बुआ ने गांव की तीन महिलाओं समेत 5 को नामजद कर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जिस पर पुलिस ने सभी को जेल भेजा था। खुद को बेकसूर बता आरोपियों ने खुद के साथ लापता बच्चे के परिजनों का लाईडिटेक्टर व नार्को टेस्ट कराने की मांग की थी। जिस पर बिहार पुलिस ने आरोपियों का टेस्ट कराने के लिए कोर्ट से अनुमति ली और विधि विज्ञान प्रयोगशाला से टेस्ट के लिए तारीख ली।
सोमवार 7 दिसंबर को बिहार पुलिस जेल से पांचों आरोपियों को लाईडिटेक्टर टेस्ट के लिए कड़ी सुरक्षा में लखनऊ ले गई। देर शाम तक आरोपी सरोज त्रिवेदी का ही टेस्ट हो पाया था। जिस पर पुलिस सभी आरोपियों को लेकर जेल पहुंची थी। मंगलवार को फिर से पुलिस चार आरोपियों में सुंदारा, कैप्टन बाजपेयी, अनीता व हर्षित को टेस्ट के लिए ले गई।
सबसे पहले सुंदारा का टेस्ट हुआ, इसके बाद बारी-बारी से बचे शेष आरोपियों का भी लाईडिटेक्टर टेस्ट हुआ। टेस्ट के बाद पुलिस ने सभी को वापस लाकर जेल में दाखिल किया। एसओ संतोष कुमार सिंह ने बताया कि जल्द ही टेस्ट रिपोर्ट विधि विज्ञान प्रयोगशाला से मिलेगी।