अगस्त में हुई यूरिया की कालाबाजारी के आरोप में जिले के 11 खाद दुकानदारों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। कृषि विभाग की जांच में प्रथम दृष्टया पता चला है कि इन दुकानदारों ने 23 किसानों के आधार कार्ड की मदद से 2455 बोरी यूरिया बेच डाली।
विभाग जल्द ही जांच पूरी कर आगे की कार्रवाई करेगा। कृषि विभाग की टीम को जांच में पता चला कि एक-एक किसान के आधार कार्ड की मदद से 100 से 150 बोरी यूरिया की बिक्री की गई जबकि नियम है कि एक किसान को एक एकड़ जमीन के लिए अधिकतम पांच बोरी यूरिया से अधिक नहीं मिल सकती।
टीम को यह भी पता चला कि गड़बड़ी करने में दुकानदारों ने पोओएस मशीन की मदद भी ली। इसमें किसानों का अंगूठा लगवाकर यूरिया की बिक्री में हेरफेर किया गया। जिला कृषि अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में दोषी पाए जाने पर 11 दुकानदारों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। जांच पूरी होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निलंबन के दौरान बेच नहीं सकेंगे यूरिया
जब तक लाइसेंस निलंबित रहेगा तब तक संबंधित दुकानदार यूरिया की बिक्री नहीं कर सकेंगे। पीओएस मशीन जब्त रहेगी। यदि दुकानदार जांच में दोषी मिला तो लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा। साथ ही आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इनके लाइसेंस निलंबित हुए
- रूपेंद्र कुमार वाजपेयी खाद भंडार, शिवराजपुर ब्लॉक
- कुशवाहा खाद भंडार, स्योढारी, पतारा ब्लॉक
- अनुज खाद एवं बीज भंडार, ककवन ब्लॉक
- न्यू कुशवाहा खाद एवं बीज भंडार, घाटमपुर ब्लॉक
- बृजभान खाद भंडार, बदले सिमनापुर, घाटमपुर ब्लॉक
- लक्ष्मी खाद भंडार, सरसौल ब्लॉक
- आनंद ट्रेडर्स, भीतरगांव ब्लॉक
- साधन सहकारी समिति, ककवन ब्लॉक
- चौबेपुर मिलर्स प्रोड्यूसर कंपनी लि., चौबेपुर ब्लॉक
- आईएफएफडीसी कृषक सेवा केंद्र, होशंगापुर, पतारा ब्लॉक
- इफ्को कृषक सेवा केंद्र, शिवराजपुर ब्लॉक