ग्रीनपार्क में 11 अक्तूबर को इंडिया और साउथ अफ्रीका के बीच हुए मैच के दौरान टिकट होने के बाद भी स्टेडियम में न घुस पाने और जलालत झेलने वालों को शायद अगली बार इससे छुटकारा मिल सकेगा।
इस मामले में शिकायत के बाद स्पेशल सीजेएम गगन भारती की कोर्ट ने सख्त फैसला लेते हुए यूपीसीए सचिव राजीव शुक्ला समेत पांच अधिकारियों के खिलाफ परिवाद दर्ज कर लिया है। सभी पदाधिकारियों पर फर्जीवाड़ा, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। इस मामले की सुनवाई 29 अक्तूबर को होगी।
टिकट खरीदने के बावजूद काफी लोगों को पार्क मेें न घुसने देने और पुलिस के मारपीट करने का मामला ‘अमर उजाला’ ने उठाया था। बाबूपुरवा कालोनी निवासी एडवोकेट हर्ष कुमार ने यूपीसीए सचिव राजीव शुक्ला, एसके अग्रवाल, ललित खन्ना, पीडी पाठक, सैय्यद शोएब अहमद सभी डायरेक्टर्स और मेंबर्स के खिलाफ परिवाद दाखिल किया है।
अधिवक्ता विजय बख्शी ने बताया, परिवाद में कहा गया है कि हर्ष कुमार ने पांच हजार रुपये का टिकट खरीदा था। सुबह 8:30 बजे वह ग्रीनपार्क के गेट नंबर एक पर पहुंचे तो अंदर नहीं जाने दिया। बगल के गेट नंबर 11 के पास यूपीसीए के पदाधिकारी खड़े थे। हर्ष कुमार ने राजीव शुक्ला से कहा कि वह एडवोकेट है।
टिकट के बावजूद अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। यूपीसीए के पदाधिकारियों ने उसे पकड़ लिया और राजीव शुक्ला ने एक न्यायिक अफसर के खिलाफ टिप्पणी करते हुए थप्पड़ मारकर धमकी दी। फ्री पास की भरपाई के लिए टिकटों के सीरियल नंबर की सीरीज में कॉम्पलीमेंट्री टिकट छपवाकर बेचे गए। लिखापढ़ी में यह टिकट मुफ्त में देना दिखाया गया। इसमें टैक्स चोरी की गई।