अकबरपुर में कविता पाठ करते कवि अजय अंजाम। संवाद
कानपुर देहात। आओ शहीदों के गांव चलें, जो शरहद पर कुर्बानी का सिलसिला चला कर चले गए। एक दीप जले उनकी खातिर, जो देह जला कर चले गए कविता पढ़ वीररस के कवि गौरव चौहान ने अकबरपुर के सिंह लॉन में मंगलवार रात आयोजित कवि सम्मेलन में देशभक्ति के प्रति लोगों में जोश भरा। वहीं अन्य कवियों ने अपने कविता पाठ से लोगाें को झूमने पर मजबूर कर दिया।
अकबरपुर में चल रही रामलीला में मंगलवार रात को कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। बारिश होने की वजह से लंकापुरी मैदान के स्थान पर यह आयोजन अकबरपुर के सिंह लॉन में कराया गया। कवि सम्मेलन का शुभारंभ नगर पंचायत अध्यक्ष दीपाली सिंह गुड्डन ने कवियों के साथ दीप प्रज्वलित कर किया। सबसे पहले कानपुर से आई कवयित्री अनामिका सिंह अविरल ने सरस्वती वंदना के साथ कवि सम्मेलन की शुरुआत की। उन्होंने अघर सितारों में तुम मिले तो जहां से रुकसत मैं हो चलूं पढ़ खूब तालियां बटोरी। हास्य कवि शंभू शिखर ने राजनीति पर व्यंग कर लोगों को खूब हंसाया।
इंदौर के मध्य प्रदेश से आईं कवयित्री डॉ. भुवन मोहिनी ने हो गई हो गई रे बावरिया दुनियां हो गई रे, एक मीरा ने प्रेम के खातिर पिया जहर का प्याल पढ़ कर जमकर तालियां बटोरी। इसके अलावा कवि राम भदावर, सरदार प्रताप फौजदार, अजय अंजाम, हास्य कलाकार अर्पित सैनी आदि ने अपनी रचनाओं व कलाओं से लोगों को खूब गुदगुदाया। इस दौरान पूर्व चेयरमैन जितेंद्र सिंह ने भी हस्य रस की रचनाएं पढ़ लोगों की वाहवाही लूटी। यहां रामलीला समिति के अध्यक्ष प्रशांत ओमर, पूर्व अध्यक्ष महेश अग्रवाल झब्बू, प्रमोद मिश्रा, अभिषेक मिश्रा आदि रहे।