बता दें, तेंदुए को 13 व 14 नवंबर को ऑर्डिनेंस फैक्टरी एरिया में देखा गया था। करीब एक महीने से कानपुर में तेंदुआ दहशत का पर्याय बना हुआ है, लेकिन वन विभाग उसे पकड़ नहीं पा रहा है। बता दें तेंदुए के दिखने की सूचना के साथ ही एक बार फिर वन विभाग की टीम हरकत में आ गई है।
तेंदुए की यूरिन भी डाला पिंजरे के नजदीक
डीएफओ श्रद्धा यादव ने बताया कि एनएसआई कैंपस के आसपास बने घने जंगलों में दो पिंजरे लगाए गए हैं। गन्ने के खेत के नजदीक भी एक पिंजरा लगाया गया है। तेंदुए को आकर्षित करने के लिए एक अन्य तेंदुए के यूरिन को भी पिंजरों के आसपास डाला गया है। हालांकि इसके बाद भी तेंदुआ वन विभाग की पकड़ से दूर है।
तेंदुए की हमले की सूचना निकली अफवाह
शुक्रवार देर रात नौरैयाखेड़ा में साइकिल सवार पर तेंदुए के हमले की सूचना फर्जी निकली। पुलिस का कहना है कि दो साइकिल सवार युवकों में झगड़ा हो गया था और एक युवक ने दूसरे को झाड़ियों की तरफ खींचकर पीटना शुरू कर दिया। अंधेरे की वजह से तेंदुआ समझकर महिला वहां से भाग निकली थी।