लेदर और लेदर प्रोडक्ट से यूरोपीय और अमेरिकी देशों में धूम मचाने वाली शहर की लेदर इंडस्ट्री को निर्यात के मोर्चे पर बड़ा झटका लगा है। एक दशक के बाद इंडस्ट्री की निगेटिव ग्रोथ (निर्यात गिरा) दर्ज की गई है।
अप्रैल-मई 2015 के दौरान सिर्फ 1403.97 करोड़ रुपये का निर्यात शहर से हुआ है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 2933.06 करोड़ का निर्यात हुआ था। इस दौरान लेदर गारमेंट, सैडलरी और हारनेस के निर्यात में तेज गिरावट हुई है। हाल ही में डीजीसीआईएंडएस की ओर से जारी आंकड़ों से चर्म निर्यातक भी परेशान हैं।
डीजीसीआईएंडएस (डायरेक्टरेट जनरल आॅफ कामर्शियल इंटेलिजेंस एंड स्टेटिक्स) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक सेंट्रल रीजन में (कानपुर भी शामिल) सबसे अधिक गिरावट माइनस 52.13 दर्ज की गई है। यह निगेटिव ग्रोथ देश में सबसे अधिक है। जबकि इस अवधि में पूरे देश में माइनस 1.10 की ही निगेटिव ग्रोथ दर्ज की गई है।
इससे पहले तक शहर की लेदर इंडस्ट्री 17-18 फीसदी की पॉजिटिव ग्रोथ के साथ आगे बढ़ रही थी। काउंसिल फाॅर लेदर एक्सपोर्ट के वरिष्ठ अफसर के मुताबिक पिछले एक दशक में पहली बार इंडस्ट्री में इस तरह की निगेटिव ग्रोथ देखने को मिली है। मौजूदा अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय हालातों को देखते हुए इस वित्तीय वर्ष के अंत तक इंडस्ट्री की रफ्तार में फिलहाल तेजी आने की संभावना नहीं है।