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जानें कैसे फिसड्डी साबित हुई ‘कानपुर पुलिस’

Tue, 25 Oct 2016 02:10 AM IST
आशुतोष मिश्र/ अमर उजाला, कानपुर
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समस्या निस्तारण में देरी के लिए पुलिस के बाद एसडीएम सदर दफ्तर दूसरे नंबर पर
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समय से शिकायतों का निस्तारण न करने में केंद्र सरकार में कानपुर की पुलिस की बदनामी हो रही है। केंद्र सरकार संदर्भ की शिकायतें निपटाने में पुलिस फिसड्डी मिली है। समस्या निस्तारण में देरी के लिए पुलिस के बाद एसडीएम सदर दफ्तर दूसरे नंबर पर है।कुछ दिन पहले पहले नगर निगम की स्थिति पुलिस से भी बदतर थी। शासन में किरकिरी के बाद नगर निगम ने अपनी छवि सुधार ली है। 
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प्रमुख सचिव चंचल तिवारी ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर कहा है कि आईजीआरएस जन सुनवाई पर सीधे ऑनलाइन समस्या निस्तारण की स्थिति ठीक नहीं है। भारत सरकार पीडी पोर्टल संदर्भ, मुख्यमंत्री संदर्भ, ऑन लाइन और तहसील दिवस की शिकायतों के निस्तारण का वेबसाइट पर अपलोड में लापरवाही हो रही है। इससे मुख्यमंत्री नाराज है। इसलिए अपने स्तर से अभियान चलाकर समस्याओं का निस्तारण कर आईजीआरएस वेबसाइट पर फाइनल रिपोर्ट आख्या और आवेदक को अवगत कराने के पत्र की फोटोकॉपी अपलोड की जाए। 
प्रमुख सचिव के आदेश के बाद जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने निस्तारण की स्थिति दिखवाई तो नगर निगम समस्या निस्तारण न करने में नंबर वन था। जिलाधिकारी ने सभी विभागों से जल्द से जल्द शिकायतों के निस्तारण को कहा है।
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यह है स्थिति
समस्याओं के समाधान की ऑनलाइन स्थिति देखने के लिए आईजीआरएस जन सुनवाई सिस्टम बनने के बाद से अभी तक पुलिस को केंद्र सरकार संदर्भ 271 शिकायतें भेजी गईं। इसमें 261 पेडिंग हैं। मुख्यमंत्री संदर्भ शिकायतें 27 में से आठ पेंडिंग हैं। ऑनलाइन 67 शिकायतों में से 10 पेडिंग में हैं। डीएम संदर्भ 199 में से 14 की पेडेंसी है। इसी तरह एसडीएम सदर दफ्तर को भेजी गई शिकायतों में भारत सरकार संदर्भ की 44 में से 40 की पेडेंसी है। सीएम संदर्भ 33 में 12 का निस्तारण हुआ है। ऑनलाइन मिली 101 शिकायतों में 30 का निस्तारण नहीं हो सका है। 
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