इस दिवाली शासन ने वकीलों को विशेष तोहफा दिया है। सरकार ने सिविल, फौजदारी और राजस्व शासकीय अधिवक्ताओं की रिटेनरशिप और बहस की फीस बढ़ा दी गई है। शासकीय अधिवक्ताओं का कहना है कि फीस बढ़ाने की मांग काफी दिनों से की जा रही थी।
प्रमुख सचिव न्याय रंगनाथ पांडेय ने जिलाधिकारी को भेजे पत्र में कहा है कि अधीनस्थ न्यायालयों में शासन द्वारा लगाए गए शासकीय अधिवक्ताओं की बहस की फीस और रिटेनरशिप में वृद्धि 27 मई 2001 के शासनादेश में संशोधन कर की गई है। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी संतोष यादव और जिला शासकीय अधिवक्ता सिविल धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि अभी तक जिला शासकीय अधिवक्ताओं की रिटेनरशिप सात हजार और बहस का 1200 रुपये प्रतिदिन था। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ताओं को रिटेनरशिप छह हजार रुपये थी। इसमें बढ़ोत्तरी की मांग काफी समय से उठ रही थी। अब शासन ने वृद्धि कर राहत दी है।
रिटेनरशिप
जिला शासकीय अधिवक्ता- 9000 रुपये राशि (प्रतिमाह)
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता-7200 रुपये राशि (प्रतिमाह)
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता-6300 रुपये राशि (प्रतिमाह)
उप जिला शासकीय अधिवक्ता-5400 रुपये राशि (प्रतिमाह)
बहस फीस
जिला शासकीय अधिवक्ता-1650 रुपये राशि (प्रतिमाह)
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता-1500 रुपये राशि (प्रतिमाह)
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता-1500 रुपये राशि (प्रतिमाह)
उप जिला शासकीय अधिवक्ता-1275 रुपये राशि (प्रतिमाह)