समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव रामगोपाल यादव का आज 72वां जन्मदिन मनाया जा रहा है। रामगोपाल के जन्मदिन पर पार्टी और यादव परिवार का मनमुटाव खत्म होते दिखाई दे रहा है। लोकसभा चुनाव के दौरान चाचा राम गोपाल और भतीजे अखिलेश के बीच तनाव का माहौल था लेकिन अब सारे झगड़ों को खत्म कर ये परिवार इटावा में इकट्ठा होकर लोगों तक एकता का संदेश पहुंचा रहे हैं।
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राम गोपाल यादव
राजनीति में आने से पहले राम गोपाल कॉलेज में लेक्चरर थे। अपने बड़े भाई मुलायम सिंह के कहने से वह राजनीति में आए खुद से उनका मन राजनीति मेें आने का नहीं था। 1989 में उन्होंने अपना राजनीतिक करियर जिला पंचायत अध्यक्ष बन कर शुरु किया। जानिए रामगोपाल की जिन्दगी से जुड़ी खास बातें.....
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राम गोपाल यादव
जानिए कौन है चाचा रामगोपाल और कैसे हुए भतीजे अखिलेश के बेहद खास
समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेताओं में से एक रामगोपाल यादव का जन्म 29 जून को 1946 उत्तर प्रदेश के इटावा (सैफई) जिले में हुआ था। वह समाजवादी पार्टी संरक्षक मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई हैं। साल1969 से 1974 तक यादव ईटावाह के स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्रोफेसर रहे, इसके बाद 1974 से 1994 तक इटावा के ही चैधरी चरण डिग्री कॉलेज के प्रधानाध्यापक रहे। राम गोपाल की उच्च शिक्षा कानपुर विश्वविद्यालय में पूरी हुई।
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राम गोपाल यादव
प्रो .रामगोपाल यादव 1969 में केके पीजी कॉलेज में फिजिक्स के लेक्च्रर बने। बाद में उन्होंने राजनीतिक विज्ञान विभाग के अध्यक्ष के तौर पर शिक्षण कार्य किया। इसके बाद वह चौधरी चरण सिंह डिग्री कॉलेज के प्राचार्य रहे। राम गोपाल समाजवादी पार्टी के टिकट पर राज्यसभा के सासंद भी हैं। वर्तमान में वह समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता व महासचिव हैं। कहा जाता है कि कोई बड़ा फैसला लेते समय मुलायम सिंह यादव प्रो.रामगोपाल से सलाह जरूर लेते हैं।
प्रो.रामगोपाल यादव नेे वर्ष 1992 में राज्यसभा के सदस्य बने थे। इसके बाद रामगोपाल लगातार राज्यसभा पहुंच रहे हैं। यूपी विधानसभा चुनाव से मुलायम परिवार में परिवार में दूरियां आ गईं थी। रामगोपाल यादव अखिलेश के खेमे में थे जबकि शिवपाल यादव मुलायम सिंह यादव के।