पत्नी ईशा की हत्या के आरोपी दरोगा ज्ञानेंद्र सिंह को सोमवार को कचहरी में वकीलों ने गिरा-गिरा कर पीटा। उसके कपड़े फाड़ डाले और थूका। वकील एक घंटे तक कोर्ट के बाहर हंगामा करते रहे। बाद में सीओ कोतवाली ने वकीलों को समझाकर बमुश्किल सुरक्षा घेरे में दरोगा को कोर्ट से निकलवा कर जेल भिजवाया।
सोमवार को ज्ञानेंद्र सिंह करीब 10 बजे कचहरी पहुंच गया था। वकीलों के सुरक्षा घेरे में करीब 10.30 बजे दरोगा सीएमएम कोर्ट पहुंच गया। इस दौरान काकादेव थानाध्यक्ष कोर्ट के बाहर मौजूद थे। बाद में उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। ज्ञानेंद्र सिंह के सरेंडर की जानकारी पाकर वकील कोर्ट के बाहर इकट्ठा होने लगे थे। तीन बजे तक सैकड़ों वकील जमा हो गए थे। कोर्ट ने ज्ञानेंद्र सिंह को जेल भेजने का आदेश दिया।
करीब तीन बजे ज्ञानेंद्र सिंह को जेल ले जाने के लिए कोर्ट से बाहर निकाला तो वकीलों ने उस पर हमला बोलते हुए पिटाई शुरू कर दी। दरोगा के कपड़े फाड़ डाले। मारपीट के कारण दरोगा गिर गया तो लात-घूंसे चलाए गए। कुछ वकीलों ने दरोगा के मुंह पर थूक दिया। बाद में दरोगा उठा और कोर्ट के अंदर पहुंच गया।
वकील फिर भी कोर्ट के बाहर से नहीं हटे। थोड़ी देर बाद फिर वकीलों की भीड़ ने दरोगा को पीटना शुरू कर दिया। पिटाई से बेदम दरोगा लेट गया। वकील फिर भी कोर्ट के बाहर से नहीं हटे। खूब हंगामा होता रहा। करीब साढ़े तीन बजे सीओ कोतवाली जितेंद्र श्रीवास्तव और इंसपेक्टर हरीराम वर्मा फोर्स के साथ कोर्ट पहुंचे।
सीओ के समझाने पर भी वकील हटने को तैयार नहीं थे। करीब चार बजे सीओ ने कोर्ट के दरवाजे से लेकर बाहर सड़क तक दोनों तरफ पुलिसकर्मी खड़े करते हुए बैरीकेडिंग बनवाई। इसके बाद ज्ञानेंद्र सिंह को निकाला। इस पर भी बीच-बीच में वकीलों ने दरोगा को कई तमाचे जड़ दिए। सीओ सुरक्षा घेरा बनवाते हुए कलेक्ट्रेट के सामने खड़ी जीप तक दरोगा को लाए और जेल भिजवा दिया।