यूपी में कानपुर के कल्याणपुर में यूपीपीसीएल (उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड) के ठेकेदार रवि शंकर शुक्ला ने बसपा के एक पूर्व विधायक पर दो करोड़ रुपये रंगदारी मांगने, मारपीट कर सादे स्टांप पेपर और उनकी फर्म के लेटर पैड पर हस्ताक्षर कराने का आरोप लगाया है। सीओ की फटकार के बाद कल्याणपुर पुलिस ने पूर्व विधायक, उनके दामाद समेत आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है।
आवास विकास, कल्याणपुर निवासी रवि शंकर शुक्ला की मेसर्स गंगा इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड ने नाम से फर्म है। उन्होंने पुलिस को बताया कि शनिवार वह अपने दोस्त कार्तिकेय और विजय पाल के साथ कल्याणपुर सेक्टर ई स्थित केसा चौराहे के पास प्लाट देखने जा रहे थेे।
चौराहे के पास तीन लग्जरी गाड़ियों के साथ आए बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र से बसपा के पूर्व विधायक कमलेश चंद्र दिवाकर, उनके दामाद अमित कुमार ने उनकी कार को रोक लिया। आरोप है कि कमलेश चंद्र और उनके गुर्गों ने उनके और कार्तिकेय की कनपटी पर रिवाल्वर लगाकर कार से नीचे उतार लिया।
पुलिस ने किया खेल
इसके बाद जान से मारने की धमकी देकर अपनी कार में बैठा लिया। फिर पूर्व विधायक अंबेडकरपुरम, आवास विकास-3 अपने घर ले गए। कनपटी पर असलहे लगाकर दो करोड़ की रंगदारी मांगी। गाली गलौज और मारपीट करके सादे स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर कराए।
आरोप है कि मकान व कार हड़पने की नीयत से उनकी ही फर्म के सादे लेटर पैड पर भी हस्ताक्षर करवाए। किसी तरह पूर्व विधायक की चंगुल से छूटने के बाद वह कल्याणपुर थाने पहुंचे लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नही की। फिर सीओ कल्याणपुर से न्याय की गुहार लगाई। सीओ की फटकार के बाद कल्याणपुर पुलिस ने ठेकेदार की तहरीर पर पूर्व विधायक कमलेश चंद्र दिवाकर, अमित कुमार, मनोज दिवाकर, सोनू, विनोद, जगदेव कुरील समेत आठ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है।
पुलिस ने किया खेल
कल्याणपुर पुलिस ने पूर्व विधायक और उनसे साथियों के खिलाफ रंगदारी, मारपीट समेत अन्य धाराएं तो लगाई, लेकिन अगवा करने की धारा नहीं लगाई। ठेकेदार का कहना है पूर्व विधायक ने अपने साथियों संग असलहे के दम पर उसे जबरन अपनी कार में बैठाकर घर ले गए थे। इस संबंध में ठेकेदार ने एसएसपी से शिकायत करने की बात कही है।
ठेकेदार पर हेराफेरी का आरोप
पूर्व विधायक कमलेश चंद्र दिवाकर का दावा है कि फर्म (मेसर्स गंगा इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड) मेरी है। रवि शंकर शुक्ला पर विश्वास करके उन्हें फर्म का डायरेक्टर बनाया था। रवि शंकर ने पिछले दो सालों में फर्म के खातों में हेरफेर कर लगभग दो करोड़ का चूना लगाया। हिसाब मांगने पर मेरे खिलाफ पेशबंदी करके मुकदमा दर्ज कराया गया है।